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रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज राकेश कुमार-V और रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजीव तेहलान के बीच तीखी बहस हो गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद वकीलों में भारी नाराजगी देखने को मिली.
हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज-4 (नॉर्थ वेस्ट) राकेश कुमार-V का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है.
दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में जज और एक सीनियर वकील के बीच हुए झगड़े के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज-4 (नॉर्थ वेस्ट) राकेश कुमार-V का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है.
रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज की ओर से रविवार शाम जारी आदेश के मुताबिक, जज राकेश कुमार-V को दिल्ली ज्यूडिशियल एकेडमी के निदेशक के साथ अटैच किया गया है. वहीं, उनकी जगह पर न्यायिक अधिकारी धीरज मित्तल को दिल्ली ज्यूडिशियल एकेडमी से रोहिणी कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट जज-4 (नॉर्थ वेस्ट) के पद पर भेजा गया है.
दरअसल, हाल ही में रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज राकेश कुमार-V और रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजीव तेहलान के बीच तीखी बहस हो गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद वकीलों में भारी नाराजगी देखने को मिली.
दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने जज के व्यवहार को ‘अत्यंत आपत्तिजनक और अशोभनीय’ बताते हुए उनके तत्काल तबादले की मांग की थी.
समन्वय समिति ने रविवार को एक सर्कुलर जारी कर कहा कि अदालत की कार्यवाही के दौरान एक वकील और बार एसोसिएशन अध्यक्ष के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे पूरी कानूनी बिरादरी में गहरा आक्रोश और चिंता पैदा हुई है. समिति ने यह भी मांग की थी कि जज राकेश कुमार से तत्काल न्यायिक कार्य वापस लिया जाए और उनके आचरण की जांच शुरू की जाए.
वकीलों के संगठन ने सोमवार को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में हड़ताल का भी ऐलान किया था. समन्वय समिति के महासचिव एडवोकेट विजय बिश्नोई ने वकीलों से हड़ताल में सहयोग और एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी. समिति के संयोजक एडवोकेट तरुण राणा ने बताया कि इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जज के खिलाफ कार्रवाई और तत्काल ट्रांसफर की मांग की गई थी.
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद माना जा रहा है कि फिलहाल इस विवाद पर विराम लग सकता है, हालांकि वकील संगठन अब भी मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की मांग पर कायम हैं.
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साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें
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