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UP Lekhpal Recruitment Exam: हौसले की मिसाल! नोएडा के 48 वर्षीय महेंद्रपाल ने यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा दी है. दिलचस्प बात यह है कि उन्हें परीक्षा के लिए उनके अपने बेटे ने गणित का एक-एक सवाल हल करना सिखाया और गुरु की भूमिका निभाई. उम्र को मात देती यह कहानी सोशल मीडिया पर छा गई है.
UP Lekhpal Recruitment Exam 2026: यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा में शामिल महेंद्रपाल की कहानी काफी मोटिवेशनल है
नई दिल्ली (UP Lekhpal Recruitment Exam). कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और ज्ञान कहीं से भी मिले, उसे ले लेना चाहिए. इस कहावत को उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाले 48 वर्षीय महेंद्रपाल ने पूरी तरह सच कर दिखाया है. महेंद्रपाल ने इस उम्र में न सिर्फ सरकारी नौकरी पाने का जज्बा दिखाया, बल्कि वे यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुए. इस परीक्षा की सबसे अनोखी और भावुक कर देने वाली बात यह रही कि महेंद्रपाल को परीक्षा की तैयारी कराने वाला और कोई नहीं, बल्कि उनका अपना बेटा है.
आमतौर पर पिता बच्चों को उंगली पकड़कर चलना और पढ़ना सिखाते हैं, लेकिन नोएडा की इस कहानी ने रिश्तों का बेहद खूबसूरत और नया रूप समाज के सामने रखा है. यहां महेंद्रपाल के बेटे ने खुद ‘टीचर’ की भूमिका निभाई और अपने पिता को परीक्षा के सबसे कठिन हिस्से यानी गणित का एक-एक फॉर्मूला और शॉर्ट ट्रिक रटवाई. जब महेंद्रपाल परीक्षा केंद्र पर पेपर देने पहुंचे तो उनके चेहरे पर वही आत्मविश्वास था जो किसी होनहार छात्र के चेहरे पर होता है. यह कहानी अब हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है.
बेटा बना गुरु और पिता बन गए अनुशासित छात्र
गणित की हर मुश्किल शॉर्ट ट्रिक को बेटे ने बनाया आसान
प्रतियोगी परीक्षाओं में टाइम मैनेजमेंट सबसे अहम होता है और महेंद्रपाल के लिए इतने सालों बाद कैलकुलेशन की पुरानी स्पीड पाना मुश्किल लग रहा था. उनके बेटे ने आधुनिक प्रतियोगी परीक्षाओं के हिसाब से गणित के मुश्किल सवालों को हल करने की शॉर्ट ट्रिक्स सिखानी शुरू कीं. चाहे वह प्रतिशत का सवाल हो, लाभ-हानि का या फिर रेखागणित का, बेटे ने बेहद सब्र के साथ अपने पिता की कमजोरियों पर काम किया. महेंद्रपाल बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें थोड़ी झिझक होती थी, लेकिन बेटे के दोस्ताना और सपोर्टिव रवैये ने उनके डर को पूरी तरह खत्म कर दिया.
समाज के सामने पेश की अद्भुत मिसाल
इस अनोखी परीक्षा की कहानी जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आई, लोग इस पिता-पुत्र की जोड़ी के मुरीद हो गए. परीक्षा केंद्र के बाहर भी महेंद्रपाल को देखकर अन्य युवा अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ गया. लोगों का कहना है कि महेंद्रपाल ने उन तमाम लोगों के मुंह पर ताला लगा दिया है जो उम्र का बहाना बनाकर अपने सपनों को दफन कर देते हैं. इस उम्र में भी परीक्षा के दबाव को झेलना और एक छात्र की तरह दिन-रात मेहनत करना वाकई काबिल-ए-तारीफ है.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें
