दिल्ली. हर साल 28 मई को दुनियाभर में Menstrual Hygiene Day यानी मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है. इसका उद्देश्य माहवारी (पीरियड्स) को लेकर फैली झिझक, गलत धारणाओं और स्वच्छता से जुड़ी जानकारी की कमी को दूर करना है. इस दिन लोगों को यह समझाने की कोशिश की जाती है कि मासिक धर्म स्वच्छता सिर्फ सैनिटरी पैड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य और साफ-सफाई से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है. आइए जानते हैं इस पर एक्सपर्ट क्या कहते हैं.
पीरियड्स में सिर्फ पैड नहीं, पूरी स्वच्छता जरूरी
अक्सर लोग मासिक धर्म स्वच्छता को केवल सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने तक सीमित समझते हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार यह सोच अधूरी है. पी-सेफ कंपनी के संस्थापक विकास बगाड़िया का कहना है कि मासिक धर्म स्वच्छता में सैनिटरी पैड के अलावा मासिक कप, टैम्पोन, दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले पैड और विशेष अंडरगारमेंट जैसे कई विकल्प शामिल हैं. हर महिला की जरूरत और सहजता अलग होती है, इसलिए उत्पाद का चुनाव भी उसी हिसाब से होना चाहिए.
4 से 6 घंटे में बदलें पैड
विशेषज्ञों के अनुसार सैनिटरी पैड को 4 से 6 घंटे के भीतर बदल लेना चाहिए. लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से त्वचा पर दाने, रिसाव और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. खासकर गर्मी और अधिक रक्तस्राव के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है. अगर किसी को लंबे समय तक एक ही चीज इस्तेमाल करना हो, जैसे यात्रा या नौकरी के दौरान, तो मेंस्ट्रुअल कप या विशेष पीरियड अंडरगारमेंट एक विकल्प हो सकते हैं. याद रहे पैड गंदा न हुआ हो तो भी 6 घंटे में बदल दें.
खुशबू वाले उत्पाद बढ़ा सकते हैं संक्रमण का खतरा
आजकल बाजार में खुशबू वाले कई पीरियड्स उत्पाद उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञ बिना खुशबू वाले उत्पादों को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं. खुशबू वाले उत्पाद शरीर के निजी अंगों के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
कपड़ा, पैड, टैम्पोन या कप, क्या है बेहतर
अक्सर सवाल उठता है कि पीरियड्स के दौरान कौन-सा तरीका सबसे अच्छा है. विशेषज्ञों का मानना है कि कोई एक उत्पाद हर किसी के लिए सबसे बेहतर नहीं होता. यह पूरी तरह व्यक्ति की सुविधा, जरूरत और जीवनशैली पर निर्भर करता है. कोई पैड में सहज महसूस करता है, तो कोई मासिक कप या अन्य विकल्पों को अपनाता है. टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप के इस्तेमाल के समय हाइजीन का ज्यादा ध्यान रखें.
जहां टैम्पोन इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाते हैं, वहीं मेंस्ट्रुअल कप धोकर फिर से इस्तेमाल किए जाते हैं. बेहतर होगा इनमें लिखे निर्देशों को ठीक से पढ़ लें और उसके बाद ही उसी हिसाब से प्रयोग करें. खेलकूद या भागमभाग जिंदगी वाली महिलाओं को ये दोंनों ऑप्शन बेहतर लगते हैं क्योंकि यह सहज महसूस कराते हैं. बाकी आपकी अपनी च्वॉइस है. सफाई का ध्यान रखकर आप कोई भी तरीका अपना सकती हैं.
सार्वजनिक शौचालय में बरतें सावधानी
पीरियड्स के दौरान सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. सिर्फ सीट का साफ दिखना काफी नहीं होता, जरूरी है कि वह संक्रमण रहित भी हो. साफ दिखने वाली सीट पर भी कीटाणु हो सकते हैं, इसलिए इस्तेमाल से पहले सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है. कोशिश भर ऐसे में पब्लिक टॉयलेट यूज न करें, जाना पड़े तो बाजार में आने वाले सेनिटाइजर स्प्रे साथ रखें. पहले स्प्रे डालकर 30-40 सेकेंड रुक जाएं फिर टॉयलेट यूज करें.
