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Madhuban Bapudham Plot Scheme: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की मधुबन बापूधाम आवासीय योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. फॉर्म बिक्री व आवेदन राशि के जरिए जीडीए के खाते में लगभग 700 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं. अगर आप भी सपना देख रहे आशियाने का तो कर लीजिए एप्लाई.
मधुबन योजना के तहत आवेदन करते लोग.
गाजियाबादः घर खरीदने का सपना हर किसी का होता है. हर कोई चाहता है कि किसी भी तरह जोड़कर एक अपना खुद का आशियाना बना सके. इसके लिए ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने मधुबन बापूधाम आवासीय योजना शुरू की. अब इस योजना को लेकर लोगों में अलग ही उत्साह देखा जा रहा है. दरअसल, बाजार की कीमत से कम दर पर प्लॉट मिलने की वजह से आवेदन करने वालों की होड़ लग गई है. अब तक करीब 20 हजार आवेदन फॉर्म बिक चुके हैं और फॉर्म बिक्री व आवेदन राशि के जरिए जीडीए के खाते में लगभग 700 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं.
बता दें, योजना के तहत प्लॉट खरीदने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 4 जून तय की गई है. जीडीए अधिकारियों का मानना है कि अंतिम दिनों में आवेदन की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है. मधुबन बापूधाम योजना के तहत केवल 350 लोगों को ही लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे. मगर मौजूदा स्थिति में एक प्लॉट पर औसतन 57 लोग दावेदारी कर रहे हैं. यही वजह है कि योजना को लेकर लोगों में भारी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है.
जीडीए के अधिकारियों के अनुसार अंतिम तिथि तक आवेदन संख्या 22 हजार से 25 हजार के बीच पहुंच सकती है. योजना में आवेदन करने के लिए लोगों को 1100 रुपये में आवेदन फॉर्म खरीदना पड़ रहा है. इसके अलावा आवेदनकर्ता को चुने गए प्लॉट की कीमत का एक हिस्सा भी जमा करना अनिवार्य है. जनरल श्रेणी के आवेदकों को प्लॉट कीमत का 10 प्रतिशत और एससी-एसटी श्रेणी के लोगों को 5 प्रतिशत राशि जमा करनी पड़ रही है. जीडीए के अपर सचिव पीके सिंह का कहना है कि योजना को लेकर लोगों में उम्मीद से ज्यादा उत्साह है और आने वाले दिनों में आवेदन और बढ़ने की संभावना है.
मधुबन बापूधाम योजना में विभिन्न वर्गों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. योजना में 40 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि जीडीए इन प्लॉट्स को केवल 35 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उपलब्ध करा रहा है, जबकि आसपास के इलाकों में जमीन की कीमत इससे काफी अधिक है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
