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दिल्ली के पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर एक अनोखा म्यूजियम बनाया जा रहा है. यहां लाइट, साउंड और म्यूजिक के जरिए दिल्ली का इतिहास दिखेगा. इस म्यूजियम में दिल्ली के पर्यावरण और ‘रिज’ क्षेत्र की जानकारी भी मिलेगी. इसे देखने के लिए कोई अलग से शुल्क नहीं लगेगा. इसका उद्घाटन जल्द होने वाला है.
नई दिल्ली: दिल्ली का मेट्रो स्टेशन अब सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि देश की राजधानी के इतिहास और पर्यावरण को करीब से जानने का केंद्र बनने जा रहा है. दिल्ली मेट्रो के पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर एक शानदार और आधुनिक म्यूजियम तैयार हो रहा है. जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. जल्द ही इसका उद्घाटन भी होना है. इस म्यूजियम को देखने के लिए यात्रियों को अलग से कोई टिकट या पैसे देने की जरूरत नहीं होगी. स्टेशन की खाली पड़ी दीवारों को ही बेहद खूबसूरत तरीके से इस म्यूजियम का रूप दिया जा रहा है.
बुधवार को मेट्रो अधिकारियों और इसे तैयार करने वाली कंपनी के सदस्यों ने म्यूजियम का जायजा लिया. यह लगभग पूरी तरह बनकर तैयार है और जल्द ही आम जनता के लिए इसका उद्घाटन किया जा सकता है.
स्टेशन पर दिखेगी दिल्ली की विरासत
पटेल चौक दिल्ली के सबसे व्यस्त और प्रमुख मेट्रो स्टेशनों में से एक है. वीवीआईपी मूवमेंट के लिए भी इस स्टेशन का काफी इस्तेमाल होता है, इसीलिए इसे इस खास म्यूजियम के लिए चुना गया है. स्टेशन के एंट्री और एग्जिट पॉइंट की दोनों तरफ की खाली दीवारों को कलाकृतियों, चमचमाती लाइटों और साउंड सिस्टम से सजाया जा रहा है.
दिल्ली का ‘हरा फेफड़ा’ होगा मुख्य आकर्षण
प्रदूषण के लिए चर्चा में रहने वाली दिल्ली का एक खूबसूरत और हरा-भरा पहलू भी है, जिसे इस म्यूजियम में बखूबी दिखाया गया है. इस म्यूजियम को ‘दिल्ली रिज और वेटलैंड’ थीम पर तैयार किया गया है. दिल्ली रिज को राजधानी का ‘हरा फेफड़ा’ भी कहा जाता है. म्यूजियम में दिल्ली के चारों रिज क्षेत्रों को दर्शाया जाएगा:
- नॉर्दर्न रिज: दिल्ली यूनिवर्सिटी और कमला नेहरू रिज के पास का 1857 की क्रांति से जुड़ा ऐतिहासिक क्षेत्र.
- सेंट्रल रिज: राष्ट्रपति भवन और दिल्ली कैंट का इलाका.
- साउथ सेंट्रल रिज: वसंत कुंज और महरौली के आसपास का क्षेत्र.
- सदर्न रिज: तुगलकाबाद और असोला भट्टी तक फैला सबसे बड़ा हिस्सा.
साउंड सिस्टम के साथ वर्चुअल एक्सपीरियंस
इस म्यूजियम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं रहेगा. यहां यात्रियों को इंटरएक्टिव कियोस्क और साउंड सिस्टम के जरिए वर्चुअल एक्सपीरियंस मिलेगा. इसके माध्यम से लोग दिल्ली के जलाशय, इंडस्ट्रियल एरिया और पर्यावरण के सामने खड़ी चुनौतियों को समझ सकेंगे. इसके अलावा खूनी झील, हौज खास, संजय वन, महरौली के जंगल और असोला वन क्षेत्र की पूरी कहानी भी इस म्यूजियम में जीवंत रूप में देखने को मिलेगी.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
