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Yamuna Expressway News : यमुना एक्सप्रेसवे को नो प्रोटेस्ट जोन घोषित कर दिया गया है. इस फैसले के बाद गौतमबुद्ध नगर जिले में आने वाले यमुना एक्सप्रेसवे के 41 किलोमीटर लंबे हिस्से में कोई प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. यह कदम 22 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी निर्देशों को लागू करने के लिए उठाया गया है. इस घोषणा के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर राजनीतिक, गैर-राजनीतिक और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. ऐसा क्यों करना पड़ा, आइये जानते हैं.
यमुना एक्सप्रेसवे को नो प्रोटेस्ट जोन घोषित कर दिया गया है.
नोएडा. यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले में आने वाले यमुना एक्सप्रेसवे के पूरे हिस्से को नो प्रोटेस्ट जोन (विरोध निषेध क्षेत्र) घोषित कर दिया गया है. ऐसा यातायात की सुचारू और बाधा रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. पुलिस ने बताया कि यह प्रतिबंध गौतमबुद्ध नगर के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एक्सप्रेसवे के 41 किलोमीटर लंबे हिस्से पर लागू होगा. गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने बताया कि यह निर्णय 22 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है. यह कदम हाल के महीनों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक श्रमिकों की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला के बाद उठाया गया है.
जगह-जगह लगाए जाएंगे सूचना बोर्ड
अधिकारियों ने बताया कि इस घोषणा के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर राजनीतिक, गैर-राजनीतिक और अन्य प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. पुलिस ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना और एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवधान को रोकना है. पुलिस ने कहा कि आदेश से संबंधित सूचना बोर्ड एक्सप्रेसवे के प्रमुख स्थानों, पुलिस आयुक्त कार्यालय और संबंधित पुलिस थानों में लगाए जा रहे हैं. जन जागरूकता पैदा करने के लिए मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से भी जानकारी प्रसारित की जा रही है.
अब क्या होगा आगे
पुलिस के मुताबिक, आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रभावी यातायात प्रबंधन के लिए एक्सप्रेसवे पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है. नोएडा में औद्योगिक श्रमिकों ने हाल ही में वेतन वृद्धि सहित अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, जबकि ग्रेटर नोएडा में किसानों के समूहों ने भूमि मुआवजे और दूसरे मुद्दों को लेकर बार-बार विरोध प्रदर्शन किए हैं, जिससे कई बार प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
