UP Monsoon 2026 Update – Rain Alert : उत्तर प्रदेश में झुलसाने और पसीने से तर बतर करने वाली गर्मी पड़ रही है. सभी को इंतजार है तो बस मानसून के आने का. ऐसे में यूपी के लोगों का मानसून का इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं दिख रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रोग्रेस चार्ट (South West Monsoon) से संकेत मिल रहे हैं कि मानसून पूर्वी भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है. अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है. यूपी में मानसून के आने की संभावित डेट क्या है और वह कहां-कहां कब दस्तक दे सकता है, आइये इस बारे में जानते हैं…
अगर मानसून की चाल को देखें तो इसकी बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार और उससे सटे इलाकों तक पहुंच चुकी है. ऐसे में सबसे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसका असर दिखने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त नमी और अनुकूल हवाओं की स्थिति बनी रही तो पूर्वांचल में जल्द ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकता है.
बलिया, गाजीपुर, वाराणसी में कब बदलेगा मौसम?
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, गाजीपुर और वाराणसी जैसे जिलों में 23 से 25 जून के बीच मौसम तेजी से बदल सकता है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं. कई जगहों पर तेज हवाओं और बिजली चमकने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं.
लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज में होगी अच्छी बारिश से शुरुआत
इसके बाद मानसून मध्य उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा. लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी और प्रयागराज में 25 से 28 जून के बीच अच्छी बारिश की शुरुआत होने की संभावना है. लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को इससे राहत मिल सकती है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है. नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में जून के अंतिम दिनों से लेकर जुलाई के शुरुआती दिनों के बीच मानसूनी बारिश पहुंचने के आसार हैं. हालांकि इससे पहले धूल भरी आंधी, गरज और हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं.
मौसम के इस बदलाव के दौरान हवा की रफ्तार भी बढ़ सकती है. कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर इससे अधिक रफ्तार वाले झोंके भी महसूस किए जा सकते हैं. ऐसे में किसानों, बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत होगी.
फिलहाल मौसम की सबसे बड़ी गतिविधि पूर्वी उत्तर प्रदेश पर केंद्रित दिखाई दे रही है. अगर मानसून की वर्तमान रफ्तार बनी रहती है तो आने वाला सप्ताह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत लेकर आ सकता है. पूर्वांचल से शुरू होकर यह बारिश का सिलसिला धीरे-धीरे पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले सकता है.
