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नोएडागांव बरौला के निवासी बीसी प्रधान ने बताया कि हम लगातार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से को अवगत करवाते रहते हैं उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है सबसे बड़ी समस्या है गांव बरौला में टूटी हुई सड़क और उन पर सीवर और नालियों का पानी जमा होना जिसके चलते आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव वासियों का सीधा आरोप है कि टेंडर तो उठाए जाते हैं लेकिन किसी लेवल पर कोई काम दिखाई नहीं देता जिसका खामियाजा गांव वासियों और किराए पर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ता है. सेक्टर 49 के बरौला गांव में टूटी सड़कों पर सीवर और नालियों का पानी भरा, ग्रामीणों ने प्राधिकरण पर लापरवाही और टेंडर के बाद भी काम न होने का आरोप लगाया
नोएडा: नोएडा के सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में समस्याओं का अंबार है और यहां रहने वाले लोग बहुत परेशान हैं ग्रामीण निवासियों का कहना है कि समस्याओं के चलते हमारा आना जाना भी कई बार तो दुश्वार हो जाता है नालियां और सीवर का पानी बरसात के पानी की तरह सड़कों पर आपको बहता हुआ मिलेगा उसको लेकर कोई प्राधिकरण का अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है पढ़िए गांव वासियों को जुवानी.
टेंडर उठते है लेकिन काम नहीं होता है गांववासी
गांव बरौला के निवासी बीसी प्रधान ने बताया कि हम लगातार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से को अवगत करवाते रहते हैं उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है सबसे बड़ी समस्या है गांव बरौला में टूटी हुई सड़क और उन पर सीवर और नालियों का पानी जमा होना जिसके चलते आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव वासियों का सीधा आरोप है कि टेंडर तो उठाए जाते हैं लेकिन किसी लेवल पर कोई काम दिखाई नहीं देता जिसका खामियाजा गांव वासियों और किराए पर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ता है.
किरायेदारों का टूटता है सपना
युवा विकास समिति बरौला के अध्यक्ष कर्मवीर गुर्जर ने बताया कि यहां के जो मूल निवासी हैं गांव के लोग वह तो मजबूरी में रह ही रहे हैं लेकिन जो लोग नोएडा में एक सपना साजोकर आते हैं और जब यहां के हालात देखते हैं तो वह सिर्फ एक ही बात कहते हैं कि यहां से 100 गुना अच्छा हमारा गांव है कम से कम गंदगी और तमाम समस्याओं का सामना तो नहीं करना पड़ता। इनका कहना है कि किराएदार तो यहां नहीं कही दूसरी जगह रूम ले लेगा लेकिन गांव निवासी अपना घर छोड़कर कहां जाएंगे. और ये सबसे बड़ी मुसीबत है नालियों और सीवर के बेहद बुरा हाल है. निवासियों का आरोप है कि कई कई दिन हो जाते है शिकायत करने के बाबजूद जिम्मेदार मजबूरी नहीं समझते हैं.
इन समस्याओं से भी जनता परेशान
शालिनी सिंह ने बताया कि नोएडा में कई जगह डम्बिंग यार्ड बनाए गए उसमें आए दिन आपको आग लगती दिखाई देगी, नोएडा के गांव में सीवर व्यवस्था बहुत पुरानी है दोबारा से सीवर डाली जाए ताकि गांव वासियों को परेशानी न झेलना पड़े, वही पेयजल का क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों सही की जाए, नोएडा में कई ऐसे वैंकट हॉल है जो अवैध तरीके से बने है प्राधिकरण की जमीन पर बने है लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है और आमजन को परेशानी होती है लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.
पानी की सप्लाई और साफ सफाई के भी आफत
वही मोहित बैसोया ने बताया कि वैसे तो समस्याओं का अंबार है लेकिन पानी की सप्लाई गांव में जो पार्क है उसकी साफ सफाई के लिए कई बार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से मिले उनके कान पर जूं नहीं रेंगती. अंकित गुप्ता ने बताया कि जब भी थोड़ी बारिश होती है तो आपको हर गली जलमग्न मिलेगी वही बरसात के दिनों में तो ये नर्क बन जाता है और पैदल वालों के लिए बेहद मुसीबत का सामना करना पड़ता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
