Success Story: कलाई के निचले हिस्से में दिक्कत फिर भी बैडमिंटन को चुना, 5 साल में 15 मेडल जीत चुकी नागौर की कोशिका

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Para Badminton Player Koshika Devda: नागौर की पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी कोशिका देवड़ा ने तुर्की वर्ल्ड एबिलिटी स्पोर्ट्स यूथ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है. 2026 में उन्होंने 1 स्वर्ण, 2 रजत जीते हैं. इसी के साथ उनके द्वार जीते कुल पदक संख्या 15 पहुंची. वर्तमान में हैदराबाद में रहकर पढ़ाई और खेल को साथ लेकर चल रहीं कोशिका देश की उभरती हुई पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं. वह बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ अपने खेल को भी पूरा समय देती हैं.

नागौर जिले के ताऊसर गांव की पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी कोशिका देवड़ा ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती. महज पांच वर्षों के खेल सफर में उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. हाल ही में तुर्की में आयोजित वर्ल्ड एबिलिटी स्पोर्ट्स यूथ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कोशिका ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीता है.

वर्तमान में हैदराबाद में रहकर पढ़ाई और खेल को साथ लेकर चल रहीं कोशिका देश की उभरती हुई पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं. वह बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ अपने खेल को भी पूरा समय देती हैं. उनका अधिकांश समय बैडमिंटन कोर्ट और फिटनेस ट्रेनिंग में बीतता है. बेहतर प्रदर्शन के लिए वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक अभ्यास करती हैं. खेल पर पूरी तरह फोकस बनाए रखने के लिए उन्होंने मोबाइल का उपयोग भी सीमित कर रखा है.

एकेडमी में वह सामान्य खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करती हैं. इससे कोशिका को खेल की गति और प्रतिस्पर्धा के उच्च स्तर के अनुरूप खुद को लगातार निखारने का अवसर मिलता है. कोशिका के पिता राजेश देवड़ा बताते हैं कि बचपन से ही उनकी रुचि खेलों में रही है. शुरुआती दिनों में वह फुटबॉल खेलती थीं. स्कूल टीम के साथ केरल गईं तो वहां पहली बार पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों को करीब से देखने का अवसर मिला. उसी दौरान उनके मन में इस खेल में करियर बनाने का विचार आया. परिवार ने भी उनकी प्रतिभा और रुचि को समझते हुए हर कदम पर सहयोग किया.

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इसके बाद उन्हें लखनऊ में प्रसिद्ध पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया, जहां उनकी खेल प्रतिभा और अधिक निखरकर सामने आई. कोशिका एसयू-5 वर्ग में खेलती हैं. बचपन से ही उनके एक हाथ की कलाई के नीचे का हिस्सा विकसित नहीं हो पाया, लेकिन उन्होंने इस शारीरिक चुनौती को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने आज अपनी पहचान अपनी मेहनत से बनाई है. यही कारण है कि राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक वह लगातार पदक जीत रही हैं.

अब तक कोशिका कुल 15 पदक जीत चुकी हैं, जिनमें 2 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तुर्की के वर्ल्ड एबिलिटी स्पोर्ट्स यूथ गेम्स-2026 में एक स्वर्ण और दो रजत, इंडोनेशिया इंटरनेशनल पैरा बैडमिंटन-2024 में एक कांस्य तथा युगांडा इंटरनेशनल पैरा बैडमिंटन-2023 में एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया.

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 7 वीं नेशनल पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में 1 कांस्य, यूथ नेशनल पैरा बैडमिंटन 2025 में 2 रजत और 1 कांस्य जीता था. इसके अलावा खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 1 कांस्य, नेशनल गेम्स 2024 में 1 रजत और 1 कांस्य के अलावा पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप 2023 में 1 स्वर्ण और 1 रजत जीता है.

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