राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी केस, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ताओं से कही ये बात

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दायर की गई जनहित याचिका की तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कोर्ट ने कहा क‍ि SC की रजिस्ट्री मामला सूचीबद्ध करेगी, और तारीख दे दी जाएगी. फ‍िलहाल इस मामले की राज्‍य एसआईटी जांच कर रही है.

अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर द‍िया है.

Ayodhya Ram Mandir case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है. गुरुवार को राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी और तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री इस मामले को सूचीबद्ध करेगी.

अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन का मामला काफी चर्चाओं में है. इसकी जांच को लेकर वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने जनहित याचिका दाखिल की है. गुरुवार को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनकी तत्काल मांग सिर्फ इतनी है कि मामले को जल्द सूचीबद्ध किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके.

याचिका में मांग की गई कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पैसों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए. सीबीआई की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाकर निष्पक्ष, समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि दान के पैसों में कोई गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं.

याचिकाकर्ताओं ने बैंक अकाउंट, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज समेत सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की है. याचिका में कोर्ट के सामने मांग की गई कि किसी भी रिकॉर्ड या सबूत को नष्ट करने या उसमें छेड़छाड़ करने पर रोक लगाई जाए.

हालांकि इस पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया. बेंच ने याचिकाकर्ताओं को सोमवार को फिर से अवकाशकालीन पीठ के सामने याचिका मेंशन करने को कहा है. बेंच ने कहा, “रजिस्ट्री इसे सूचीबद्ध करेगी. आपको तारीख मिल जाएगी.”

इसी बीच, लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी ने हाल ही में राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी है. हालांकि, मंदिर के फंड में कथित हेराफेरी की विस्तृत जांच अभी भी जारी है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें

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