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Ghaziabad-Delhi ED Raid: ईडी ने गुरुवार को गाजियाबाद और दिल्ली के कई ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी की लखनऊ जोनल इकाई ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम PMLA 2002 के तहत की है. आरोपियों पर हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों के साथ धोखाधड़ी कर उनकी संपत्ति पर कब्जा करने और उससे अवैध कमाई करने का आरोप है.
गाजियाबाद-दिल्ली में ED की बड़ी रेड
गाजियाबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट और हाउसिंग सोसाइटी से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के तहत गुरुवार को गाजियाबाद और दिल्ली के कई ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी की लखनऊ जोनल इकाई ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम PMLA 2002 के तहत की है. जांच के दायरे में संदीप सिंह, श्रष्ठ प्रॉपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड श्रेष्ठ प्रॉपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर और सेवा सुरक्षा सहकारी आवास समिति के पदाधिकारी शामिल है.
ईडी के मुताबिक आरोपियों पर हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों के साथ धोखाधड़ी कर उनकी संपत्ति पर कब्जा करने और उससे अवैध कमाई करने का आरोप है. जांच एजेंसी को संदेह है कि इस पूरे प्रकरण में बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, जिसके मद्देनजर कई परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया.
फ्लैट देने का झांसा देकर हासिल किए अधिकार
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गाजियाबाद के अकबरपुर बहरामपुर स्थित सेवा सुरक्षा सहकारी आवास समिति के सदस्यों को पुनर्विकास परियोजना के तहत नए फ्लैट देने का आश्वासन दिया था. इसी भरोसे में सदस्यों को करीब 41,544 वर्गमीटर की बहुमूल्य जमीन पर अपने अधिकार छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया.
ईडी का आरोप है कि जमीन और विकास अधिकार हासिल करने के बाद आरोपियों ने उनका दुरुपयोग किया. जांच एजेंसी के अनुसार सोसाइटी की जमीन और फ्लैटों को तीसरे पक्ष को बेच दिया गया. जिससे बड़ी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया गया.
खुफिया और अर्धसैनिक बल के अधिकारियों से भी कथित फर्जीवाड़ा
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में देश के खुफिया विभागों और अर्धसैनिक बलों से जुड़े कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी कथित तौर पर प्रभावित किया गया. बताया जा रहा है कि आवासीय परियोजना के नाम पर कई लोगों को निवेश और आवंटन से जुड़े वादे किए गए थे, जिनकी जांच अब ईडी कर रही है.
दस्तावेज और डिजिटल सबूत खंगाल रही ईडी
छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने वित्तीय लेनदेन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले से अर्जित धन को किन-किन माध्यमों से निवेश या स्थानांतरित किया गया. फिलहाल ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
