गाजियाबाद वालों की मौज! एलिवेटेड रोड पर चढ़ना-उतरना होगा आसान, ₹90 करोड़ से बनेंगी 2 नई स्लिप रोड, जाम से मिलेगा छुटकारा

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Ghaziabad Elevated Road Slip Road: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने एलिवेटेड रोड पर जाम की समस्या को खत्म करने के लिए ₹90 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इसके तहत वसुंधरा और कनावनी मंदिर के पास दो नए आधुनिक स्लिप रोड (रैंप) बनाए जाएंगे. इस परियोजना से इंदिरापुरम, वसुंधरा और गाजियाबाद के 5 लाख से अधिक लोगों को सीधे एंट्री-एग्जिट की सुविधा मिलेगी. अब एक घंटे का सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा और वाहन चालकों के समय और ईंधन की भारी बचत होगी.

अब मिनटों में तय होगा घंटों का सफर, कनावनी और वसुंधरा के पास बनेंगे 2 नए रैंप (फोटो-AI)

Ghaziabad Elevated Road Slip Road: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले और गाजियाबाद की लाइफलाइन कही जाने वाली एलिवेटेड रोड का इस्तेमाल करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है. अगर आप भी एलिवेटेड रोड पर चढ़ने और उतरने के चक्कर में रोजाना लगने वाले लंबे जाम से परेशान होते हैं, तो अब आपकी यह टेंशन जल्द ही खत्म होने वाली है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने इस सड़क पर ट्रैफिक को मक्खन जैसा स्मूथ बनाने के लिए कमर कस ली है. जीडीए ने एलिवेटेड रोड पर चढ़ने-उतरने की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए करीब 90 करोड़ रुपए के बजट से दो नई स्लिप रोड (रैंप) बनाने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से गाजियाबाद, इंदिरापुरम और वसुंधरा के 5 लाख से ज्यादा निवासियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा.

5 लाख लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति, बचेगा समय और पेट्रोल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीडीए की इस नई योजना के पूरी होते ही गाजियाबाद, इंदिरापुरम और वसुंधरा के करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों को रोजाना के सिरदर्द बन चुके ट्रैफिक जाम से सीधे राहत मिलेगी. इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों का कीमती समय बचेगा और साथ ही महंगे पेट्रोल-डीजल की भी भारी बचत होगी. फिलहाल स्थिति यह है कि दिल्ली से आने-जाने वाले चालकों को एलिवेटेड रोड पर चढ़ने या वहां से उतरने के लिए खोड़ा और सीआईएसएफ (CISF) रोड से होकर एक लंबा चक्कर काटना पड़ता है.

पीक आवर्स यानी दफ्तर और स्कूल के समय यहाँ गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं. इस जाम का सबसे बुरा असर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों की बसों और सबसे जरूरी एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं पर पड़ता है. कई बार तो लोग घंटों इस जाम में फंसे रह जाते हैं.

कैसा होगा नया रैंप? जानिए इस प्रोजेक्ट की खासियतें
जीडीए के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत एलिवेटेड रोड के लिए 590 मीटर और 620 मीटर लंबे दो बेहद आधुनिक रैंप तैयार किए जाएंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट में कुछ खास तकनीकों और पैमानों का ध्यान रखा गया है:

  • चौड़ाई और स्पीड: इस प्रोजेक्ट के तहत 7.5 मीटर चौड़ा कैरिजवे (सड़क) बनाया जाएगा. इन रैंप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहाँ गाड़ियां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आसानी से आ-जा सकेंगी.
  • आधुनिक गर्डर तकनीक: रैंप का निर्माण करने के लिए अत्याधुनिक गर्डर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह बेहद मजबूत और सुरक्षित रहेंगे.
  • शानदार गोलचक्कर: ट्रैफिक को बिना किसी रुकावट के मोड़ने और चलाने के लिए 50 मीटर व्यास के दो आधुनिक गोलचक्कर भी विकसित किए जाएंगे.

कहां-कहां बनेंगे यह दोनों रैंप, समझिए पूरा रूट

  • रैंप-1 (दिल्ली से वसुंधरा-साहिबाबाद के लिए): पहला रैंप दिल्ली से वसुंधरा की तरफ आने वाले लोगों के लिए मददगार होगा. इसके तहत वसुंधरा में एक स्लिप रोड उतारी जाएगी, जो वैशाली होते हुए सीधे साहिबाबाद की तरफ निकल जाएगी. इसके अलावा, दिल्ली से आते वक्त कनावनी मंदिर के पास भी उतरने के लिए इसी रैंप-1 से स्लिप रोड का कनेक्शन दिया जाएगा.
  • रैंप-2 (इंदिरापुरम से दिल्ली जाने के लिए):** दूसरा रैंप उन लोगों के लिए है जो गाजियाबाद या इंदिरापुरम से दिल्ली जाना चाहते हैं. इसके तहत इंदिरापुरम के कनावनी मंदिर के पास स्थित ग्रीन बेल्ट पुस्ता रोड से एक स्लिप रोड बनाई जाएगी. वाहन चालक कनावनी मंदिर के बराबर से इस रैंप-2 पर चढ़कर सीधे एलिवेटेड रोड के जरिए दिल्ली की तरफ फुर्र हो सकेंगे.

अधिकारियों का अनुमान है कि इन दोनों स्लिप रोड के चालू हो जाने के बाद एलिवेटेड रोड का करीब 40 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक इन नए रैंप पर शिफ्ट हो जाएगा, जिससे मुख्य सड़कों पर दबाव बेहद कम हो जाएगा.

स्लिप रोड बनने से जनता को क्या-क्या सीधे फायदे मिलेंगे?

  • समय की बड़ी बचत: जो सफर तय करने में अभी 1 से सवा घंटा लग जाता है, वह इन रैंप के बनने के बाद महज 20 से 25 मिनट में पूरा हो जाएगा.
  • डायरेक्ट एंट्री-एग्जिट: एलिवेटेड रोड पर बीच में ही सीधे चढ़ने और उतरने की शानदार सुविधा मिल जाएगी.
  • सेफ और फास्ट सफर: दिल्ली और गाजियाबाद के बीच का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा.
  • जेब पर राहत: जाम में गाड़ी स्टार्ट खड़ी रखने की मजबूरी खत्म होगी, जिससे ईंधन बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा.

एक साल के भीतर पूरा होगा काम: जीडीए
इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि प्राधिकरण का लक्ष्य है कि एक वर्ष के भीतर ही एलिवेटेड रोड पर इन दोनों स्लिप रोड का निर्माण काम पूरा कर लिया जाए. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द आम जनता को इस रूट पर राहत दी जा सके. यह प्रोजेक्ट न सिर्फ आज की समस्या को हल करेगा, बल्कि भविष्य में तेजी से बढ़ने वाले ट्रैफिक के दबाव को झेलने के लिए भी गाजियाबाद को तैयार करेगा.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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