क्या खाली करना पड़ेगा दिल्ली जिमखाना क्लब? केंद्र के नोटिस पर हाईकोर्ट में सोमवार को रुख होगा साफ

होमताजा खबरDelhi

क्या खाली करना पड़ेगा दिल्ली जिमखाना क्लब? हाईकोर्ट में सोमवार को रुख होगा साफ

Last Updated:

जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. याचिका पर सोमवार 6 जुलाई को सुनवाई होगी. मामले की सुनवाई जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच करेगी.

केंद्र सरकार ने जिमखाना क्लब को जारी किया था नोटिस.

नई दिल्ली. जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. क्लब के सदस्यों और कर्मचारियों की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार 6 जुलाई को सुनवाई होगी. मामले की सुनवाई जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच करेगी. केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय ने दिल्ली जिमखाना क्लब को जारी किया था. नोटिस में पूछा गया है कि सार्वजनिक परिसर अधिनियम, 1971 के तहत क्लब के खिलाफ बेदखली का आदेश क्यों दिया जाए.  नोटिस के अनुसार सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना है. इसी दिन दोपहर 2.30 बजे व्यक्तिगत सुनवाई भी तय की गई है.

क्लब के सदस्य विजय खुराना और दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिकाएं पहले से लंबित मुकदमे का हिस्सा हैं. यह मुकदमा एलएंडडीओ के 22 मई के उस आदेश के बाद दायर किया गया था, जिसमें क्लब से 5 जून तक 27.3 एकड़ जमीन खाली करने को कहा गया था. सरकार का कहना है कि यह जमीन रक्षा अवसंरचना को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक है.

याचिकाकर्ता विजय खुराना ने अदालत में कहा है कि डिफेंस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और सुरक्षा का हवाला देकर दिए गए कारण स्पष्ट नहीं हैं और इन्हें केवल बेदखली का आधार बनाया जा रहा है. उनका आरोप है कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए क्लब को जबरन खाली कराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी याचिका को क्लब के 500 से अधिक सदस्यों का समर्थन प्राप्त है. अब सोमवार को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे पूरे विवाद में अदालत का अगला रुख साफ हो सकता है

About the Author

Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *