'शीश महल' का क्या होगा? पूर्व सीएम आवास बनेगा लग्जरी होटल! कोई भी कर सकता बुक, जानिए दिल्ली सरकार का प्लान

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‘शीश महल’ का क्या होगा? पूर्व सीएम आवास बनेगा लग्जरी होटल, कोई भी कर सकता बुक

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दिल्ली सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास ‘शीश महल’ (6 फ्लैगस्टाफ रोड) को प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी वेन्यू के रूप में विकसित करने की योजना पर विचार कर रही है. प्रस्ताव के अनुसार, सरकारी बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि खाली रहने पर इसे निजी कार्यक्रमों और कॉरपोरेट इवेंट्स के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है. सरकार का कहना है कि इससे संपत्ति का बेहतर उपयोग होगा और रखरखाव का खर्च भी राजस्व के जरिए पूरा किया जा सकेगा.

‘शीशमहल’ का नया अध्याय! पूर्व CM आवास को लग्जरी होटल की तर्ज पर चलाने की तैयारी, सरकारी बैठकों के लिए भी रहेगा आरक्षित

दिल्ली के ‘शीश महल’ का क्या होगा? अब इस सवाल का जवाब मिल गया है. जी हां, अरविंद केजरीवाल वाले शीश महल को होटल में तब्दील किया जाएगा. शीशल महल दिल्ली की राजनीति के सबसे चर्चित सरकारी आवासों में से एक है. अब 6 फ्लैगस्टाफ रोड को लेकर दिल्ली सरकार नई योजना पर काम कर रही है. सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास को एक प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी वेन्यू के रूप में विकसित करने की संभावना पर विचार कर रही है, ताकि इसका बेहतर उपयोग हो सके और सरकार को राजस्व भी मिले.

सूत्रों के मुताबिक, इस संपत्ति का पहला अधिकार सरकार के पास रहेगा. सरकारी बैठकों, कॉन्फ्रेंस और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए इसका इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. वहीं, खाली रहने पर इसे किसी प्रोफेशनल हॉस्पिटैलिटी ऑपरेटर के जरिए निजी कार्यक्रमों, कॉरपोरेट इवेंट्स और अन्य बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है.

इस योजना को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहा है. प्रस्ताव में संचालन, रखरखाव और व्यावसायिक उपयोग का पूरा मॉडल तय किया जाएगा. सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या इस परिसर को दिल्ली की बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) नीति या इसके जैसी किसी नीति के तहत संचालित किया जा सकता है.

PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार ऐसी प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनियों के साथ साझेदारी पर विचार कर रही है, जिन्हें हाई-एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट का अनुभव हो. उनका कहना है कि वर्तमान में इस परिसर के रखरखाव पर सरकार का काफी खर्च होता है और अगर इसी संपत्ति से राजस्व प्राप्त हो सके तो यह अधिक व्यावहारिक मॉडल होगा.

अधिकारियों के अनुसार, सरकार संपत्ति का स्वामित्व और नियंत्रण अपने पास ही रखेगी. फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और इसे लागू करने से पहले आवश्यक प्रशासनिक मंजूरियां ली जाएंगी. सरकार परिसर से सटे अधूरे कैंप ऑफिस का निर्माण भी पूरा करेगी. इस इमारत का उपयोग सरकारी बैठकों और कॉन्फ्रेंस के लिए किया जाएगा. आवश्यकता न होने पर इसे भी निजी आयोजनों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है.

इससे पहले इस परिसर को स्टेट गेस्ट हाउस, सांस्कृतिक केंद्र या केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई थी. हालांकि, मौजूदा प्रस्ताव सरकारी उपयोग और व्यावसायिक संचालन…दोनों को साथ लेकर चलने वाले मॉडल पर आधारित है.

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Shankar Pandit

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