AI, साइबर सिक्योरिटी, बैंकिंग..IIT दिल्ली ने शुरू किया खास रिसर्च प्रोग्राम, जानें कैसे करें अप्लाई

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IIT Delhi Research Program: IIT दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) और नेटवेस्ट ग्रुप ने मिलकर नेटवेस्ट फिनटेक फ्रंटियर प्रोग्राम (NFFP) शुरू किया है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य AI, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल बैंकिंग और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए इनोवेशन को बढ़ावा देना है. चयनित रिसर्चर्स और स्टार्टअप्स को नेटवेस्ट ग्रुप के साथ पेड पायलट प्रोजेक्ट, पेटेंट कराने में मदद और UK बैंकिंग सेक्टर में अपनी तकनीक लागू करने का अवसर मिलेगा.

नई दिल्ली: अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल बैंकिंग या नई तकनीकों पर रिसर्च कर रहे हैं, या आपका स्टार्टअप फिनटेक सेक्टर में काम करता है, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है. IIT दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) और नेटवेस्ट ग्रुप ने मिलकर नेटवेस्ट फिनटेक फ्रंटियर प्रोग्राम (NFFP) लॉन्च किया है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई तकनीकों को बढ़ावा देना और उन्हें बैंकिंग सेवाओं में उपयोग के लिए तैयार करना है. इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

क्या है नेटवेस्ट फिनटेक फ्रंटियर प्रोग्राम
नेटवेस्ट फिनटेक फ्रंटियर प्रोग्राम ऐसा मंच है, जहां IIT दिल्ली के शोधकर्ता और स्टार्टअप बैंकिंग सेक्टर की वास्तविक चुनौतियों का समाधान तैयार करेंगे. उन्हें नेटवेस्ट ग्रुप के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा. इससे नई तकनीकों को सीधे बैंकिंग सेवाओं में लागू करने का रास्ता तैयार होगा.

दो अलग-अलग कैटेगरी में होगा चयन
इस कार्यक्रम में आवेदन करने के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं. पहली कैटेगरी रिसर्च ट्रांसलेशन ट्रैक है. इसमें IIT दिल्ली के फैकल्टी सदस्य और रिसर्च टीमें आवेदन कर सकती हैं. प्रतिभागियों को ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करना होगा, जिसे कुछ महीनों के भीतर बैंकिंग सेक्टर में लागू किया जा सके.
दूसरी कैटेगरी स्टार्टअप इनोवेशन ट्रैक है. इसमें ऐसे स्टार्टअप आवेदन कर सकते हैं, जिनके प्रोडक्ट पहले से बाजार में उपलब्ध हैं और उनका उपयोग किया जा रहा है.

इन तकनीकों पर रहेगा फोकस
यह कार्यक्रम चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकें. इन तकनीकों का उपयोग बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुरक्षित, तेज और आसान बनाने के लिए किया जाएगा.

चुने गए प्रतिभागियों को क्या मिलेगा
कार्यक्रम में चयनित रिसर्चर और स्टार्टअप्स को नेटवेस्ट ग्रुप के साथ पेड पायलट प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा. अगर उनका समाधान सफल रहता है, तो उसे यूनाइटेड किंगडम (UK) के बैंकिंग सेक्टर में भी लागू किया जा सकता है. इसके अलावा प्रतिभागियों को अपनी तकनीक का पेटेंट कराने, उसे व्यावसायिक रूप देने और बाजार तक पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी.

15 जुलाई तक करें आवेदन
इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है. इच्छुक शोधकर्ता और स्टार्टअप 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत के इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक बैंकिंग उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. इससे भारतीय शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीक और नवाचार को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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