नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर होने वाले आईसीसी मेंस क्रिकेट विश्व कप 2027 को लेकर क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. आईसीसी ने इस महाकुंभ के लिए 12 ऐतिहासिक और नए मैदानों के नामों पर अपनी मुहर लगा दी है. तीन देशों में मिलकर खेले जाने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में न केवल खेल का रोमांच देखने को मिलेगा, बल्कि इस बार एक नया टूर्नामेंट फॉर्मेट भी दर्शकों को देखने को मिलने वाला है.
इस बार वनडे वर्ल्ड कप (2027 ODI Worl Cup) का सबसे बड़ा हिस्सा दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जाएगा. अफ्रीकी महाद्वीप का यह देश कुल आठ शहरों के स्टेडियमों में मैचों की मेजबानी करने के लिए तैयार है. जोहान्सबर्ग का ऐतिहासिक ‘वांडरर्स स्टेडियम’, त्स्वाने का ‘सेंचुरियन’, केप टाउन की सुंदर वादियों में स्थित ‘न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड’ और डर्बन का ‘किंग्समीड’ मैदान एक बार फिर विश्व कप के महान पलों के गवाह बनेंगे. इसके अलावा गकेबरहा का ‘सेंट जॉर्ज पार्क’, ब्लोएमफॉन्टेन का ‘मंगाउंग ओवल’, पार्ल का ‘बोलैंड पार्क’ और कुगोम्पो सिटी स्थित ‘बफेलो पार्क’ में भी दुनिया की दिग्गज टीमें आपस में टकराएंगी.
दक्षिण अफ्रीका का समृद्ध मेजबानी इतिहास
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह कोई पहला अनुभव नहीं है. इसने 2003 में पहली बार वनडे विश्व कप की सह-मेजबानी की थी. इसके बाद 2007 में पहला टी20 विश्व कप, 2023 में महिला टी20 विश्व कप और 2020 व 2024 में अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप जैसे प्रमुख आईसीसी टूर्नामेंट्स का सफल आयोजन इस देश में हो चुका है.
जिम्बाब्वे के तीन स्टेडियमों में सजेगी महफिल
दूसरी ओर, अफ्रीकी महाद्वीप के एक अन्य मजबूत देश जिम्बाब्वे को तीन मैदानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. राजधानी हरारे का मशहूर ‘हरारे स्पोर्ट्स क्लब’, बुलवायो का ‘क्वींस स्पोर्ट्स क्लब’ और विक्टोरिया फॉल्स के मनोरम वातावरण में बना नया ‘फाले मोसी-ओ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम’ कई अहम मैचों की मेजबानी करेंगे. जिम्बाब्वे भी 2003 में दक्षिण अफ्रीका के साथ विश्व कप का सह-मेजबान रह चुका है, इसलिए यहां के प्रशंसकों को फिर से वही पुराना रोमांच अनुभव करने का मौका मिलेगा.
नामीबिया रचेगा इतिहास
इस पूरे टूर्नामेंट की सबसे अनोखी और ऐतिहासिक बात नामीबिया का इसमें शामिल होना है. नामीबिया पहली बार किसी सीनियर आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है. राजधानी विंडहोक में स्थित ‘नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड’ को इस मेगा इवेंट के लिए चुना गया है, जो नामीबियाई क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज होगा. नामीबिया और जिम्बाब्वे ने इसी साल संयुक्त रूप से अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप का सफल आयोजन कर अपनी मेजबानी की क्षमता साबित की थी.
57 मैच और नया रोमांचक फॉर्मेट
अगर टूर्नामेंट के ढांचे और गणित पर नजर डालें, तो 2027 का विश्व कप कुल 57 मैचों की लंबी और रोमांचक जंग होगी. इसमें एक बिलकुल नया फॉर्मेट पेश किया गया है, जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखेगा.
सुपर सीरीज से होगी मुख्य चरण की शुरुआत
कहानी की शुरुआत ‘सुपर सीरीज’ से होगी, जिसमें रैंकिंग में 12वें से 14वें स्थान पर रहने वाली तीन टीमों के बीच जंग होगी. इस सीरीज को जीतने वाली टीम ही मुख्य टूर्नामेंट में एंट्री ले पाएगी. इसके बाद कुल 12 मुख्य टीमों को 6-6 के दो ग्रुपों में बांटा जाएगा. ‘लीग स्टेज’ के तहत हर टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से एक-एक मैच खेलेगी. इस शुरुआती चरण में ही कुल 30 मुकाबले खेले जाएंगे.
‘सुपर 7’ दौर का कड़ा मुकाबला
लीग चरण खत्म होने के बाद दोनों ग्रुपों की टॉप 3-3 टीमें और दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली एक टीम यानी कुल 7 टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी. इसे ‘सुपर 7’ चरण कहा जाएगा. सुपर 7 में सभी 7 टीमें आपस में कुल 21 राउंड-रॉबिन मैच खेलेंगी, जहां हर एक पॉइंट के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिलेगा.
सेमीफाइनल और खिताबी जंग
सुपर 7 का रोमांच खत्म होने के बाद अंक तालिका की शीर्ष 4 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी. पहले सेमीफाइनल में टेबल-टॉप रहने वाली टीम चौथे स्थान की टीम से भिड़ेगी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों का आमना-सामना होगा. इन दोनों मुकाबलों के विजेताओं के बीच होगा महामुकाबला यानी क्रिकेट का नया बादशाह चुनने के लिए फाइनल जंग.
