कपड़े चमकाने वाले केमिकल से बन रहा था पनीर! गाजियाबाद के नाहली गांव में आधी रात 3 फैक्ट्रियों पर छापा, दिल्ली में होनी थी सप्लाई

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Ghaziabad News: रक्षाबंधन और त्योहारों की आहट के साथ ही मिलावटखोरों ने बाज़ार में ‘ज़हर’ घोलने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त रणनीति ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया. गाजियाबाद के नाहली गांव में आधी रात को हुई इस बड़ी कार्रवाई ने मिलावट के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जहां कपड़ों को चमकाने वाले रसायनों से पनीर और मावा तैयार कर दिल्ली तक सप्लाई किया जा रहा था.

Ghaziabad News: त्योहारों का सीजन शुरू होने और रक्षाबंधन नजदीक आते ही मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ गाजियाबाद में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. भोजपुर थाना क्षेत्र के नाहली गांव में बुधवार देर रात तीन जिलों की खाद्य विभाग की टीम और तीन थानों की पुलिस फोर्स ने संयुक्त रूप से तीन फैक्ट्रियों पर छापेमारी की. टीम ने पूरे गांव की घेराबंदी कर रात करीब 11 बजे कार्रवाई शुरू की जो कई घंटे तक चली. फैक्ट्रियों में बेहद अस्वच्छ हालत में पनीर और मावा तैयार किया जा रहा था. मौके से करीब 700 किलो पनीर और 80 किलो मावा बरामद हुआ, जिसे खाद्य विभाग ने नष्ट करा दिया.

दिल्ली और हापुड़ में सप्लाई की थी योजना, 3 आरोपियों के नाम सामने आए
गाजियाबाद के असिस्टेंट कमिश्नर फूड सुरेश मिश्रा ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के नाहली गांव में रात के समय पनीर और मावा तैयार कर दिल्ली समेत अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया जा रहा है. सूचना के बाद गाजियाबाद समेत तीन जिलों की खाद्य विभाग की टीम और तीन थानों की पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की गई. टीम ने मोहम्मद कफील, मोहम्मद शकील और कलुआ की फैक्ट्रियों पर छापा मारा. इन लोगों की हापुड़ के पिलखुवा में पनीर और मावे की दुकानें भी बताई गई हैं.

कपड़ों को चमकाने वाले टेक्सटाइल केमिकल से बनाया जा रहा था चमकदार पनीर
फैक्ट्रियों में दूध के पाउडर और वनस्पति तेल का इस्तेमाल कर पनीर और मावा तैयार किया जा रहा था. इसके अलावा ऐसे रसायनों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है जिनका इस्तेमाल टेक्सटाइल इंडस्ट्री में कपड़ों को चमकाने के लिए किया जाता है. इन रसायनों के जरिए पनीर को चमकदार बनाने का आरोप है. खाद्य विभाग ने मौके से तैयार पनीर और मावे के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं.

तीनों संचालकों पर FIR दर्ज और लाइसेंस रद्द की प्रक्रिया शुरू
गांव में फैक्ट्री संचालक दिन के बजाय रात में काम करते थे. छापेमारी के डर से रात के अंधेरे में पनीर और मावा तैयार किया जाता था और सुबह ट्रकों के जरिए माल दिल्ली भेज दिया जाता था. गांव में तैयार माल का कुछ हिस्सा पिलखुवा की दुकानों पर इस्तेमाल किया जाता था जबकि बड़ी मात्रा में माल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया करते थे. खाद्य विभाग ने तीनों फैक्ट्रियों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं तीनों संचालकों के खिलाफ भोजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है. तीनों फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं, अब खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Rahul Goel

Rahul Goyal is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations …

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