फ्रूट कप से बादाम रगड़ा तक…नौकरी छोड़ गाजियाबाद के भाई-बहन ने शुरू किया स्टार्टअप

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Ghaziabad News : गाजियाबाद के नंदग्राम में रहने वाले आकाश और शिवानी ने नौकरी छोड़कर अनूठा कदम उठाया. नौकरी अच्छी थी, लेकिन मन में अपना कुछ करने का सपना था. आकाश ने जब कारोबार शुरू करने का फैसला किया तो उन्होंने किसी दोस्त के बजाय अपनी बहन को साथी बनाया. महज 50 हजार रुपये की शुरुआती लागत से उन्होंने अपने स्टार्टअप की नींव रखी और राजनगर स्थित सेंट्रल पार्क के बाहर अपना स्टॉल शुरू किया. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन दोनों ने अपने फैसले पर भरोसा बनाए रखा.

गाजियाबाद. अगर सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का जज्बा हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान बन जाते हैं. गाजियाबाद के नंदग्राम में रहने वाले 28 वर्षीय आकाश और उनकी 26 वर्षीय बहन शिवानी ने भी यही साबित कर दिखाया है. अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर दोनों भाई-बहन ने अपना स्टार्टअप शुरू किया और आज अपने दम पर पहचान बना रहे हैं.  आकाश और शिवानी पहले कॉरपोरेट कंपनी में नौकरी करते थे. दोनों की महीने की कुल आय करीब 50 से 60 हजार रुपये थी. नौकरी अच्छी थी लेकिन मन में हमेशा अपना कुछ करने का सपना था. आकाश ने जब कारोबार शुरू करने का फैसला किया तो उन्होंने किसी दोस्त के बजाय अपनी बहन शिवानी को अपना साथी बनाया. शिवानी ने भी बिना हिचकिचाए भाई का साथ दिया और दोनों ने मिलकर नई शुरुआत करने का फैसला कर लिया.

परिवार ने उठाए सवाल

कुछ महीने पहले दोनों ने नौकरी छोड़ दी और महज 50 हजार रुपये की शुरुआती लागत से उन्होंने अपने स्टार्टअप की नींव रखी. गाजियाबाद के पॉश इलाके राजनगर स्थित सेंट्रल पार्क के बाहर अपना स्टॉल शुरू किया. उन्होंने अपने स्टॉल का नाम ब्रदर्स एन सिस्टर यम यम फ्रूट कप रखा जो उनके भाई-बहन के मजबूत रिश्ते की भी पहचान बन गया. शुरुआत आसान नहीं थी. परिवार और रिश्तेदारों ने भी कई सवाल उठाए कि नौकरी छोड़कर यह काम कैसे चलेगा, लेकिन दोनों ने अपने फैसले पर भरोसा बनाए रखा. इस स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मिलने वाली लगभग हर चीज घर पर तैयार की जाती है. पोहा, फ्रूट कप, फ्रूट क्रीम, डाइट चार्ट, सैंडविच, कोल्ड कॉफी, बादाम रगड़ा और शिकंजी जैसी 10 से अधिक चीजें लोगों को परोसी जाती हैं.

सुबह 3 बजे उठ जाते हैं

दोनों का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ स्वाद बेचने का नहीं बल्कि लोगों को साफ-सुथरा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना भी है. यही वजह है कि उनके स्टॉल पर आने वाले ग्राहक लगातार बढ़ रहे हैं और अच्छे रिव्यू भी दे रहे हैं. इस कारोबार के पीछे दोनों भाई-बहन की मेहनत भी कम नहीं है. आकाश और शिवानी रोज सुबह करीब तीन बजे उठ जाते हैं. घर पर सभी सामान तैयार करने के बाद सुबह पांच बजे तक स्टॉल लगा देते हैं. इसके बाद रात करीब 11 बजे तक दोनों मिलकर ग्राहकों की सेवा करते हैं. दिनभर की कड़ी मेहनत के बावजूद उनके चेहरे पर अपने सपने को पूरा करने की खुशी साफ दिखाई देती है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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