PHOTO: रक्षाबंधन पर 7 साल से हिंदू भाई को राखी बांध रहीं 13 साल की मुस्लिम बहन अनिका, एकता की मिसाल बनी ये जोड़ी

होमफोटोदेश

रक्षाबंधन पर 7 साल से हिंदू भाई को राखी बांध रहीं 13 साल की मुस्लिम बहन अनिका

Last Updated:

ह‍िंदू-मुस्‍ल‍िम एकता की म‍िसाल देखनी हो तो गाजियाबाद की ह‍िंदू-मुसलमान बहन की इस जोड़ी को देख‍िए. 13 साल की मुस्लिम बहन अनिका अहमद प‍िछले 7 साल से हिंदू भाई दिविक चौधरी को राखी बांध रही हैं. पूरी सोसायटी इन दोनों बच्‍चों द्वारा पेश की गई एकता की मिसाल की मुरीद हो गई है. इन दोनों बच्‍चों की माओं ने भी अब रक्षाबंधन को लेकर एक संकल्‍प ल‍िया है, आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से..;

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और अपनेपन का त्यौहार है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं. वैसे तो यह हिंदुओं का त्यौहार है लेकिन कई बार इसके आगे धर्म और मजहब की दीवारें बौनी हो जाती हैं और आपसी एकता, प्रेम व अपनेपन का अलग ही चेहरा देखने को मिलता है. हिंदू और मुस्लिम भाई-बहन के प्रेम की ऐसी ही तस्वीर हर साल गाजियाबाद के शास्त्रीनगर में देखने को मिलती है.

शास्त्रीनगर के जीवन विहार की इस सोसायटी में हर साल एक मुसलमान बहिन अपने छोटे से हिंदू भाई को टीका लगााने और रक्षा सूत्र बांधने उसके घर जाती है. हाथों में सजी हुई थाली, कभी सूट तो कभी पारंपरिक कपड़े पहने, हाथों में मिठाई लिए जब छोटी सी मुसलमान बच्ची अनिका अहमद अपने हिंदू भाई दिविक चौधरी के घर पहुंचती है तो रास्ते में मिलने वाले लोग उसकी तारीफ करते नहीं थकते और वह बस मुस्कुरा देती है. शायद वह इस बात से भी अनजान होती है कि ये लोग क्यों तारीफ कर रहे हैं.

बता दें कि जीवन विहार में खुर्शीद अहमद और उज्मा अहमद की बेटी 13 साल की अनिका अहमद 8वीं की छात्रा हैं. वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं. अनिका अहमद पिछले 7 सालों से लगातार हर साल सोसायटी में ही रहने वाले कुनाल चौधरी और निकिता चौधरी के बेटे दिविक चौधरी को हर रक्षाबंधन पर राखी बांधती हैं. अब पिछले साल से दिविक के छोटे भाई दक्षित को भी रक्षा सूत्र बांधती हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

सबसे खास बात है कि जहां हिंदुओं में रक्षाबंधन पर पहनावे को लेकर विवादों की स्थिति पैदा हो जाती है वहां अनिका अहमद पूरे विधि-विधान से रक्षाबंधन का त्यौहार मनाती हैं.वे पारंपरिक वेशभूषा और सजी हुई थाली लेकर भाई के घर जाती हैं. इस बारे में अनिका की मां उज्मा ने बताया कि इसकी शुरुआत साल 2019 में हुई. जब रक्षाबंधन से ठीक पहले एक सोसायटी गेट टुगेदर में निकिता और उज्मा अपने बच्चों के साथ शामिल हुईं. तब निकिता के एक साल के बेटे को देखकर अनिका ने कहा, मम्मा मेरा कोई भाई नहीं है, मैं किसको राखी बांधूंगी?

तब उज्मा ने सहेली निकिता से पूछा कि क्या अनिका इस रक्षाबंधन पर उसके बेटे को राखी बांध सकती है? इस पर निकिता ने हां बोला और बात खत्म हो गई, लेकिन जैसे ही रक्षाबंधन आया तो देखा कि निकिता अपने एक साल के बेटे को लेकर उज्मा के घर अनिका से राखी बंधवाने आ गईं. अनिका ने खुशी-खुशी राखी बांधी और उसके बाद 2020 से हर साल खुद ही तैयार होकर थाल सजाकर दिविक के घर राखी बांधने जाने लगी.तब से यह सिलसिला हर साल चला आ रहा है.

इस बारे में निकिता ने बताया कि दिविक के बाद उनका एक और बेटा हुआ दक्षित, अब उसकी भी राखी अनिका ही करती है. वे बताती हैं कि अनिका सिर्फ राखी ही नहीं बांधती बल्कि अभी वह बड़ी बहन के सभी कर्तव्य भी निभाती है. दोनों ही द गुरुकुल स्कूल में पढ़ते हैं और अनिका 8वीं में है और दिविक 2 में. अनिका बस में भाई का ध्यान रखने से लेकर स्कूल में भी उसका पूरा ख्याल रखती है, अभी दिविक छोटा है, पर अपनी बहन से बहुत प्यार करता है और बड़ा होकर वह भी अपनी बहन का हमेशा ध्यान रखेगा.

उज्मा और अनिका बताती हैं कि जब भी रक्षाबंधन पर वह थाली लेकर निकिता के घर जाती हैं तो रास्ते में मिलने वाले लोग बहुत खुश होते हैं. यहां तक कि दिविक के दादा-दादी भी बहुत खुख होते हैं. पूरी सोसायटी में सब जानते हैं कि अनिका मुसलमान है लेकिन हिंदू भाई को राखी बांधने जाती है. उज्मा बताती हैं कि दोनों बच्चों की माएं भी आपस में तय कर चुकी हैं कि बड़े होने तक बच्चों की राखी जारी रखने की उनकी जिम्मेदारी है, जब बड़े हो जाएंगे तो ये अपने प्रेम और सौहार्द्र को खुद आगे बढ़ाएंगे.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *