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Delhi senior citizen fraud case 1.75 crore: दिल्ली के द्वारका में एक बुजुर्ग रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के साथ 1.75 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया. शातिर ठगों ने फर्जी प्रॉपर्टी दस्तावेज दिखाकर जमीन बेचने के नाम पर उनकी जिंदगीभर की पेंशन हड़प ली. इस मामले में पुलिस ने 50 हजार के इनामी मुख्य आरोपी 67 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
जब इंसान अपनी पूरी जिंदगी की मेहनत, खून-पसीने की कमाई और रिटायरमेंट के पैसों को जोड़कर एक सुरक्षित भविष्य का सपना देखता है और कोई अचानक आकर उस सारे सुकून को एक पल में चकनाचूर कर दे, तो उस दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन होता है. दिल्ली के द्वारका में शातिर ठगों ने फर्जी कागजातों का जाल बुनकर बुजुर्ग की पाई-पाई लूट ली. यह सिर्फ 1.75 करोड़ रुपये की ठगी नहीं है, बल्कि एक ऐसे बुजुर्ग के सपनों का कत्ल है जो अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गया. अब इस आरोपी को अरेस्ट किया गया है.
फर्जी दस्तावेजों का मकड़जाल और शातिर नटवरलाल का खेल
इस फ्रॉड को अंजाम देने वाला कोई आम चोर नहीं बल्कि 67 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज था, जिसे पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का मुख्य आरोपी बनाया. आरोपी ने बेहद चालाकी से बुजुर्ग को जमीन के कई प्लॉट बेचने का झांसा दिया और एक-एक करके उनके जीवनभर की जमापूंजी यानी करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये हड़प लिए. आरोपी ने इतने शातिर तरीके से फर्जी प्रॉपर्टी पेपर तैयार किए थे कि बुजुर्ग चाहकर भी इस बड़े धोखे की थाह नहीं पा सके. विश्वासघात का यह जाल सिर्फ एक शख्स का नहीं था बल्कि इस शातिर खेल में आरोपी के अपने रिश्तेदार और अन्य सहयोगी भी शामिल होकर इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे.
सोनीपत से दबोचा गया शातिर ठग
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज कानून की आंखों में धूल झोंककर करीब एक साल से लगातार फरार चल रहा था. उसकी शातिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. द्वारका AATS की टीम इस मामले की तह तक जाने के लिए दिन-रात एक किए हुए थी. लगातार सात दिनों तक चले कड़े टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद पुलिस को आखिरकार सुराग मिल ही गया. आरोपी की छिपी हुई लोकेशन हरियाणा के सोनीपत में ट्रेस हुई, जिसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर 13 सितंबर को उसे आखिरकार दबोच ही लिया.
खंगाले जा रहे हैं ठगी के सारे राज
एक साल की लंबी लुकाछिपी के बाद मुख्य आरोपी के सलाखों के पीछे पहुंचने से इस सनसनीखेज मामले की कई परतें खुलने लगी हैं. पुलिस अब इस शातिर ठग से आमने-सामने की पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस 1.75 करोड़ रुपये की जालसाजी में उसके साथ कौन-कौन से रिश्तेदार और अन्य लोग पर्दे के पीछे छिपे थे. बुजुर्ग की डूबी हुई पाई-पाई का हिसाब लगाने और इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए पुलिस लगातार तफ्तीश में जुटी है. भले ही मुख्य आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया है कि भरोसे का फायदा उठाकर किसी की जिंदगीभर की पूंजी छीनना कितना बड़ा गुनाह है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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