Navratri 2026: दिल्ली के 5 शक्तिपीठ जहां नवरात्रि पर बरसती है मां की कृपा, दर्शन से पहले जान लें ये जरूरी नियम

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दिल्ली में जय माता दी की गूंज! इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन को उमड़ी भीड़

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Navratri Temples In Delhi: चैत्र नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर दिल्ली के प्रमुख शक्तिपीठ भक्ति के रंग में सराबोर हैं. झंडेवालान, कालकाजी, छतरपुर, योगमाया और श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है. विशेष पूजा-अर्चना, भव्य पुष्प सज्जा और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच भक्त माँ दुर्गा का आशीर्वाद ले रहे हैं. पूरी राजधानी ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान है, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है.

नई दिल्लीः नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होते ही राजधानी दिल्ली पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गई है. हर गली-मोहल्ले में माता रानी के जयकारे सुनाई दे रहे हैं और मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं. जो लोग इन 9 दिनों में व्रत रख रहे हैं या मां दुर्गा का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, उनके लिए दिल्ली में कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां दर्शन करना खास माना जाता है.

जंडेवाला मंदिर
Jhandewalan Temple दिल्ली का सबसे चर्चित दुर्गा मंदिर है. यहां मां की विशाल प्रतिमा दूर से ही नजर आ जाती है, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है. नवरात्रि के दौरान मंदिर को रंग-बिरंगी लाइट्स और फूलों से सजाया जाता है. यहां सुबह-शाम की आरती में शामिल होना भक्तों के लिए खास अनुभव होता है.कहते हैं यहां मां की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी. खास बात यह है कि यहां पर जब भी भक्त कोई मन्नत मांगता है और वह पूरी हो जाती है तो भक्त यहां पर झंडा भी चढ़ाते हैं.

छतरपुर मंदिर
Chhatarpur Temple देश के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक है. यह मंदिर मां कात्यायनी को समर्पित है. सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है. नवरात्रि में यहां की सजावट और व्यवस्था इतनी खास होती है कि यहां आने वाला हर भक्त प्रभावित हुए बिना नहीं रहता.

कालकाजी मंदिर
Kalkaji Temple को माता के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है. माना जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है. नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन होता है, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है.माना जाता है इस मंदिर का इतिहास 3,000 साल से भी अधिक पुराना है अत्यंत प्राचीन मां काली को यह मंदिर समर्पित है. अरावली पर्वतमाला सूर्यकुट पर्वत स्थिति मंदिर स्थित पीछे जहां पांडवों ने महाभारत युद्ध से पहले पूजा की थी यह मंदिर अपने स्वयंभू मूर्ति और माता के जागृत स्वरूप के लिए जाना जाता है.

योगमाया मंदिर
Yogmaya Temple दिल्ली के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है. कहा जाता है कि इसका संबंध महाभारत काल से है. यह मंदिर बाकी मंदिरों की तुलना में शांत और सुकून भरा माहौल देता है, जहां भक्त बिना भीड़-भाड़ के आराम से दर्शन कर सकते हैं.यह मंदिर दिल्ली के महरौली में स्थित है.

श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ
Shree Adya Katyayani Shakti Peeth मां कात्यायनी को समर्पित है और इसकी विशेष मान्यता है. श्रद्धालु यहां अपनी इच्छाएं लेकर आते हैं और मानते हैं कि मां उनकी हर मनोकामना पूरी करती हैं. नवरात्रि में यहां विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन किया जाता है.नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां पर भक्तों की सुबह से ही लंबी कटारे देखने को मिलते हैं.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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