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Lalu Politics in Bihar: क्या आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने चूड़ा-दही भोज के बहाने पशुपति पारस को ऑक्सीजन दे दिया? क्या लालू के इस चाल से बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में एलजेपी रामविलास के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को CO2 मिलेगा?
क्या बिहार में चूड़ा-दही भोज के जरिए भूमिहार-दलित का नया समीकरण बन रहा है?
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चूड़ा-दही भोज के बहाने लालू पॉलिटिक्स की शुरुआत हो गई है. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और एलजेपी नेता पशुपति पारस की चूड़ा-दही के भोज पर हुई मुलाकात की अब खूब चर्चा हो रही है. बिहार की सियासी गलियारे में ये भी चर्चा शुरू हो गई है कि पशुपति पारस को आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने ऑक्सीजन दे दिया है. लालू-पारस की जुगलबंदी से क्या बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को कार्बन डाईऑक्साइड (CO2) मिलेगा? मोदी सरकार-2 में केंद्रीय मंत्री बनकर पशुपति पारस ने चिराग पासवान को जो घाव दिया था, उसकी भरपाई भतीजे ने तो कर लिया. लेकिन, अब बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में चाचा पशुपति पारस ने भी भतीजे चिराग को बड़ा घाव देने का प्लान तैयार कर लिया है. जानें क्या है प्लान?
बीते एक-डेढ़ साल से बिहार की राजनीति से गायब हो गए या यूं कहें कि विलुप्त हो गए पशुपति पारस को अब ऑक्सीजन मिल गया है. लालू यादव ने बुधवार को पशुपति पारस के आवास पर चूड़ा-दही के भोज में बेटे तेजप्रताप के साथ पहुंचकर चिराग पासवान को चौंका दिया है. इस मुलाकात के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारे में चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि पशुपति पारस और एलजेपी के पूर्व बाहुबली सांसद सुरजभान सिंह की जोड़ी चिराग पासवान को आगामी विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने का प्लान तैयार कर लिया है. राजनीतिक गलियारे में चर्चा यह भी है कि लालू यादव ने सुरजभान सिंह और पशुपति पारस दोनों को बड़ा टास्क दिया है. लालू के इस टास्क से एलजेपी रामविलास के नेता चिराग पासवान को घेरा जाएगा. इसके तहत मुंगेर, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, नावदा, जमुई और हाजीपुर संसदीय सीट के अंतगर्त आने वाले विधानसभा सीटों पर चिराग पासवान की पार्टी के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाया जाएगा.
लालू ने दे दिया पारस को ऑक्सीजन?
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने भूमिहार और दलित वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए पशुपति पारस को महागठबंधन में शामिल किए बिना बड़ा प्लान तैयार किया है. पशुपति पारस की पार्टी मुंगेर, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, नावदा, जमुई और हाजीपुर संसदीय सीट की कई विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. आरजेडी का प्लान है कि पशुपति पारस की पार्टी को मनाया जाए कि बिना समझौता किए चुनाव लड़े. इससे अगड़ी और दलित जातियों के वोट में बिखराव होगा और इसका सीधा फायदा आरजेडी और महागठबंधन को होगा.
भूमिहार और दलित वाला समीकरण
आरजेडी सूत्रों की मानें तो अगर लालू यादव का यह फॉर्मूला बिहार में काम कर जाता है और आरजेडी सत्ता में आती है तो पशुपति पारस को राज्यसभा का टिकट दिया जाएगा. साथ ही बिहार विधान परिषद में पशुपति पारस के भतीजे प्रिंस राज और सुरजभान सिंह के भाई चंदन सिंह को टिकट देकर भेजा जाएगा. कहा तो ये भी जा रहा है कि अगर तेजस्वी यादव सीएम बनेंगे तो प्रिंस राज को बिहार में मंत्री भी बनाया जाएगा.
ऐसे में लालू यादव का यह प्लान अगर कामयाब होता है तो बिहार में एक बार फिर से पशुपति पारस की राजनीति जीवित हो जाएगी. क्योंकि, बिहार की राजनीति में पशुपति पारस की पार्टी एक तरह से विलुप्त हो गई थी. लेकिन, पारस के चूड़ा-दही भोज में लालू यादव का आना एक नई कहानी बयां कर रही है. लालू यादव ने जहां पशुपति पारस को नए साल में ऑक्सीजन देने का काम किया है. वहीं, एलजेपी रामविलास के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को अब कार्बनडाय ऑक्साइड (CO2) मिलने का डर सता रहा है. क्योंकि, अगर बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता है तो एनडीए में उनकी स्थिति कमजोर होगी.
