उनकी गिनती करीब 348 है, बच्चियां-महिलाएं-वयस्‍क सब हैं शामिल, मामला सुलझाने में घिस गईं पुलिस की एड़ी

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उनकी गिनती करीब 348 है, बच्‍ची-महिलाएं-वयस्‍क सब हैं शामिल, घिसी पुलिस की एड़ी

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ऑपरेशन मिलाप के तहत दिल्ली पुलिस ने मार्च 2026 में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 155 मिसिंग लोगों को उनके परिवारों से मिलाया है. इसमें 39 बच्चे और 116 वयस्क शामिल हैं.

दिल्‍ली पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है. (एआई इमेज)

Delhi News: उनकी गिनती एक-दो नहीं, बल्कि पूरी 348 है. उनमें छोटी बच्चियां, नाबालिग, महिलाएं, वयस्‍क सभी शामिल हैं. सच मानिए इन तक पहुंचने के लिए दिल्‍ली पुलिस की एडि़यां घिस गई. लेकिन थोड़ी देर से ही सही, पुलिस एक-एक कर सभी के पास पहुंचने में कामयाब रही. इतना ही नहीं, सभी को उनके अपनों के पास पहुंचाकर ऑपरेशन मिलाप को एक बार फिर पूरा कर लिया गया.

दरअसल ये आंकड़े उन लोगों से जुड़े हैं, जो बीते तीन महीनों के दौरान अपनो से बिछड़ कर अलग हो गए थे. इनमें से कई को लेकर मिसिंग की शिकायत दर्ज थी, तो कई के मामले में अपहरण जैसी संगीन एफआईआर दर्ज थी. ये सभी मामले भले ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों से थे, पर सभी की जिला साउथ-वेस्‍ट ही था. आंकड़ों की बात करें तो हर दिन औसतन चार लोग इस डिस्ट्रिक्ट से गायब हो रहे थे.

  1. मामले की गंभीरता को देखते हुए साउथ-वेस्‍ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत इन लापता लोगों की तलाश शुरू की. ग्राउंड-लेवल इन्वेस्टिगेशन की स्ट्रैटेजी के तहत कई पुलिस टीम्‍स को जमीन पर उतार दिया गया.
  2. सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ लोकल पुलिस टीम्‍स को ऑटो स्टैंड्स, ई-रिक्शा पॉइंट्स, बस स्टैंड्स और रेलवे स्टेशन्स पर एक्टिव कर दिया गया. लापता लोगों के फोटोग्राफ्स दिखाकर लोकल वेंडर्स, ड्राइवर्स व कंडक्टर्स से पूछताछ की गई.
  3. पुलिस ने सिर्फ टेक्नोलॉजी पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि ह्यूमन इंटेलिजेंस का भी पूरा इस्तेमाल किया गया. लोकल इन्फॉर्मर्स को एक्टिवली इनवॉल्व किया गया, जबकि नजदीकी पुलिस स्टेशन्स और हॉस्पिटल्स के रिकॉर्ड्स को भी चेक किया गया.
  4. पुलिस की मेहनत रंग लाई. सिर्फ मार्च की बात करें तो 155 लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया. इसमें बच्‍चे भी शामिल थे. पुलिस के मुताबिक, पहली मार्च से 31 मार्च के बीच रिकवर किए गए 155 लोगों में 39 अपहृत बच्‍चे और 116 वयस्‍क शामिल हैं.
  5. वहीं अगर पूरे साल यानी बीते तीन महीनों की बात करें, तो साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने कुल 348 लापता लोगों को ट्रेस कर उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है. इनमें 98 नाबालिग बच्‍चे और 250 वयस्‍क शामिल हैं.

पुलिस स्‍टेशंस की क्‍या रही परफॉर्मेंस?

अगर अलग-अलग पुलिस स्टेशन्स के परफॉर्मेंस की बात करें तो वसंत विहार और आरके पुरम पुलिस स्‍टेशन ने 3-3 लापता व्‍यक्तियों को ट्रेस कर उनके परिवारों से मिलाया. वहीं साउथ कैंपस पुलिस स्‍टेशन ने एक नाबालिग बच्‍ची और एक महिला को सेफली रिकवर किया. वसंत कुंज नॉर्थ और साउथ पुलिस स्‍टेशन ने इस ऑपरेशन में बड़ी भूमिका निभाई. नॉर्थ डिवीजन ने 14 लोगों को रिकवर किया, जबकि साउथ डिवीजन ने 16 लापता लोगों के साथ 7 नाबालिग बच्चियों को खोजकर फैमिलीज तक पहुंचाया.

कपासहेड़ा पुलिस स्टेशन ने भी शानदार काम करते हुए 25 लोगों को ट्रेस किया, जिनमें कई नाबालिग बच्चियां शामिल थीं. पालम विलेज ने 17 लोगों को, सागरपुर ने 19 लोगों को और दिल्ली कैंट ने 5 लापता लोगों को रिकवर किया. सरोजिनी नगर, एसजे एन्क्लेव और किशनगढ़ पुलिस स्टेशन्स ने भी अच्‍छी खबरें आईं. इस ऑपरेशन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और डिस्ट्रिक्‍ट मिसिंग पर्सन यूनिट (डीएमपीयू) ने भी अहम भूमिका अदा की. एएचटीयू ने 19 किडनैप्ड या मिसिंग चिल्ड्रेन को ट्रेस किया, जिनकी उम्र 1 से 18 साल के बीच थी. वहीं डीएमपीयू ने भी 3 मिसिंग पर्सन्स को ढूंढने में सफलता हासिल की है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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