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Success Story, AI Master: जरा सोचिए दिल्ली की गलियों में एक लड़का स्कूल के बाद पॉकेट मनी से मोमोज का ठेला लगाया हो. छोटी-छोटी मेहनत से बिजनेस की समझ विकसित करता हो और कुछ साल बाद वही लड़का AI का ऐसा प्लेटफॉर्म बना दे जो हर तरह की समस्याओं को पलक झपकते ही सॉल्व कर दे तो आप क्या कहेंगे? यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है…
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Success Story, AI Master: यह कहानी है दिल्ली रोहिणी के रहने वाले तमीश सूद की. तमीश के पिता बैंक में थे.वह पैसों के लेखा जोखा से लेकर सबकुछ का हिसाब किताब रखते थे. इधर तमीश बिजनेस की दुनिया में घुसने के सपने बुन रहे थे.उनके मन में बचपन से ही बिजनेस का जुनून था.स्कूल के दिनों से ही उनके मन में कुछ अलग करने का जुनून था. उन्होंने अपनी पॉकेट मनी के पैसों से मोमोज का छोटा ठेला लगाया. यहीं से उन्हें ग्राहक मैनेजमेंट और छोटे स्तर पर बिजनेस चलाने का पहला अनुभव मिला लेकिन तमीश का ये सपना तब चकनाचूर हो गया जब उनका ठेला म्युनिसपल कॉर्पोरेशन की टीम उठा ले गई. ये छोटा-सा सफर बाद में उनके बड़े सपनों की मजबूत नींव बना.
तमीश सूद ने किया बीटेक
इसके बाद तमीश को ऑटो चलवाने का बिजनेस सूझा लेकिन जब उन्होंने इसके बारे में सभी बातें पता की तो उन्होंने कदम पीछे खींच लिए और अपना मन पढाई लिखाई में लगाया. शुरूआती पढाई लिखाई करने के बाद उन्होंने गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री पूरी की और इसके बाद उन्होंने बिजनेस की समझ के लिए ग्रेट लेक्स इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए इन फाइनेंस किया. AI और मशीन लर्निंग में विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन (University of Washington)से मशीन लर्निंग एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Machine Learning & Artificial Intelligence)का स्पेशलाइज्ड कोर्स पूरा किया. साथ ही यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो (University of Chicago)से Financial Modelling का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया. इन सभी डिग्रियों ने उन्हें टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और AI का परफेक्ट मेल दिया जो बाद में FIXIT जैसे प्लेटफॉर्म बनाने में सबसे काम आया.
नौकरी छोडकर कर दी नई शुरुआत
ये सबकुछ करते हुए तमीश अलग अलग कंपनियों में नौकरी करते रहे. कंसल्टिंग की दुनिया में काम करते हुए तमीश को कई इंडस्ट्रीज की समस्याएं समझ में आईं, लेकिन जब उनके करीबी दोस्त सुभिनेय छाबड़ा ने रियल एस्टेट की ग्राउंड रियलिटी बताई तो सब बदल गया.सुभिनेय से उनकी मुलाकात एमबीए करते समय हुई.दोनों की बातचीत में एक समस्या निकलकर आई कि रियल एस्टेट में लीड्स तो बहुत आ रही थीं, लेकिन फॉलो-अप मिस हो जाते थे.बातचीत बिखरी रहती थी और कई पॉटेंशियल बायर्स सिर्फ इसलिए छूट जाते थे क्योंकि उन्हें सही समय पर सही जवाब नहीं मिल पाता था. समस्या मेहनत की नहीं थी, बल्कि एक्जीक्यूशन और कंटीन्यूटी की थी.इसका समाधान निकालने के लिए तमीश और सुभिनेय ने तय किया कि वे सिर्फ एक और सॉफ्टवेयर टूल नहीं बनाएंगे. वे एक पूरा AI वर्कफोर्स बनाएंगे जो रियल एस्टेट कंपनियों की पूरी लीड-टू-रेवेन्यू जर्नी को ऑटोमेट कर दे. इस तरह दोनों ने मिलकर एआई प्लेटफॉर्म FIXIT बनाया. अब उनका प्लेटफॉर्म मकान से लेकर दुकान बेचने तक की डील करा रहा है.
हर समस्या होगी सॉल्व
तमीश बताते हैं कि उनका एआई प्लेटफॉर्म FIXIT वैसे तो हर तरह की समस्या को सॉल्व करेगा लेकिन अभी वह इसका उपयोग रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कर रहे हैं.अब उनका यह प्लेटफॉर्म एक जूनियर ब्रोकर की तरह काम करता है जो WhatsApp पर बैठकर लीड्स को क्वालिफाई करता है, एंगेज करता है, फॉलो-अप करता है और साइट विजिट तक ले जाता है. तमीश के इस सफर में उनका करीबी दोस्त सुभिनेय छाबड़ा भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. सुभिनेय ने चितकारा स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया और उसके बाद एमबीए भी किया है. सुभिनेय ने 8 साल से अधिक समय तक रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लीड के तौर पर काम किया. अब दोनों दोस्त मिलकर इस प्लेटफॉर्म को आगे बढा रहे हैं दुबई मलेशिया आदि देशों में काम करने के बाद अब इंडिया के रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रहे हैं.मोमोज के ठेले से शुरू करके AI मास्टर बनने तक का सफर दिखाता है कि सही जुनून, सही शिक्षा और सही साथी के साथ कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है. तमीश सूद और सुभिनेय छाबड़ा की यह जोड़ी रियल एस्टेट इंडस्ट्री को नया रूप देने जा रही है.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें
