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GK: आपने गौर किया होगा कि लड़के-लड़कियां एक दूसरे को जब अंगूठी (In which hand we wear ring finger) पहनाते हैं, तो उसे आमतौर पर बाएं हाथ की चौथी उंगली पर पहनाते हैं. इस वजह से इस उंगली को रिंग फिंगर कहा जाता है.
अंगूठी को रिंग फिंगर में पहनने का क्या कारण है? (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
भारत में शादियों का सीजन बस शुरू ही होने वाला है. पर आजकल शादियों से पहले इंगेजमेंट का कॉन्सेप्ट काफी पॉपुलर हो गया है. लड़का-लड़की एक दूसरे को अंगूठी (Why engagement ring wear on fourth finger of left hand) पहनाते हैं. पर क्या आपने कभी गौर किया है कि इंगेजमेंट रिंग को हमेशा ही चौथी उंगली में पहनाया जाता है? आपने भी कभी इसकी वजह जानने की कोशिश की होगी…क्या ये कोई मान्यता है या फिर इसके पीछे विज्ञान छुपा है? चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.
आपने गौर किया होगा कि लड़के-लड़कियां एक दूसरे को जब अंगूठी (In which hand we wear ring finger) पहनाते हैं, तो उसे आमतौर पर बाएं हाथ की चौथी उंगली पर पहनाते हैं. इस वजह से इस उंगली को रिंग फिंगर कहा जाता है. रीडर्स डायजेस्ट और बीबीसी के अनुसार वेडिंग रिंग का इतिहास प्राचीन मिस्र से जुड़ा हुआ है. पुरातत्वविदों ने पाया कि दुल्हनें अंगूठियां पहना करती थीं. प्राचीन ग्रीस और रोम में भी लोग अपने बाएं हाथ की चौथी उंगली पर अंगूठियां पहना करते थे.
अंगूठी पहनने के पीछे की प्रथा प्राचीन मिस्र और रोम से जुड़ी है. (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
क्यों बाएं हाथ की चौथी उंगली पर पहनते हैं अंगूठी?
रिपोर्ट मुताबिक पुराने वक्त में माना जाता था कि हमारे बाएं हाथ की चौथी उंगली में एक नस होती है जो सीधे दिल तक जाती है. उस दौरान माना जाता था कि इंसानी भावनाएं दिल से संचालित होती हैं. इस वजह से प्राचीन रोम में लोग इस नस को प्यार की नस (vena amoris) कहते थे. धीरे-धीरे शरीर को लेकर इंसान की जानकारी बढ़ने लगी और पता चला कि ऐसी कोई नस मौजूद नहीं है. ये भी पता चला कि दिल भावनाओं को संचालित नहीं करता, बल्कि एक अंग है जो खून को पंप करने का काम करता है. पर जो प्रथा पहले से चली आ रही है, वो आज तक फॉलो की जा रही है.
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आशुतोष अस्थाना न्यूज़18 हिन्दी वेबसाइट की ऑफबीट सेक्शन की टीम में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. यहां वो दुनिया के अनोखे फैक्ट्स और सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग खबरों को कवर करते हैं. आशुतोष को डिजिटल मीडिया के क्ष…और पढ़ें
