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फरवरी 2026 में, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, धमकी और महिला की गरिमा भंग करने जैसे गंभीर आरोपों वाले मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट्स के न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी थी.
केस की अगली सुनवाई 22 मई को होगी.
नई दिल्ली. पटियाला हाउस कोर्ट ने एक एनआरआई महिला से जुड़े मामले में कथित पुलिस निष्क्रियता पर गंभीर संज्ञान लिया है और गंभीर आरोपों के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी पर चिंता व्यक्त की है. पीड़िता बनाम ऋषि जॉली एवं अन्य मामले में हाल ही में पुलिस द्वारा एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने के लिए सुनवाई हुई. शिकायतकर्ता की कानूनी टीम ने अदालत को बताया कि उन्हें सुनवाई से केवल एक दिन पहले जांच के लिए बुलाया गया. आगे यह भी प्रस्तुत किया गया कि शिकायत से संबंधित कोई प्रासंगिक प्रश्न नहीं पूछे गए, बल्कि जांच का फोकस क्षेत्राधिकार (ज्यूरिस्डिक्शन) और कानून की लागू होने की स्थिति पर रहा, जिससे जांच के दौरान एक प्रतिकूल माहौल बन गया.
पुलिस ने अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट में कहा कि शिकायत की जांच अभी लंबित है. मामले की तात्कालिकता को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 22.05.2026 निर्धारित की है और जांच अधिकारी को एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है. मार्च 2026 में, एनआरआई पीड़िता ने आरोपी पिता विजय जॉली के खिलाफ आपराधिक धमकी के आरोप में एक और मामला दर्ज किया. बताया जाता है कि उन्होंने पीड़िता के परिवार और उनके गुरुजी से संपर्क कर उस पर अपनी मांगों के आगे झुकने का दबाव बनाया.
इससे पहले, फरवरी 2026 में, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, धमकी और महिला की गरिमा भंग करने जैसे गंभीर आरोपों वाले मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट्स के न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी थी. यह शिकायत मूल रूप से 08 जनवरी 2026 को ऋषि जॉली एवं अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थी. आरोपों की गंभीरता और डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे शिकायतकर्ता को अदालत का रुख करना पड़ा.
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