Today Weather Live: देश के मौसम का मिजाज इन दिनों बिल्कुल दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है. एक तरफ तेज धूप, चुभती गर्मी और लू का खतरा लोगों को बेहाल कर रहा है तो दूसरी तरफ अचानक बदलता मौसम राहत की उम्मीद भी जगा रहा है. दिल्ली से लेकर बिहार तक जहां बादलों की हलचल और आंधी-बारिश के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है. सुबह और शाम हल्की राहत मिलती है, लेकिन दोपहर की तपिश लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट ने इस स्थिति को और स्पष्ट कर दिया है. आने वाले कुछ दिन बेहद अहम रहने वाले हैं और हर क्षेत्र में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिलेगा. कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश होगी तो कहीं लू का कहर और ज्यादा तेज हो जाएगा.
मध्य प्रदेश के 8 जिलों में गर्म हवाओं के थपेड़े चलेंगे. (PTI)
यूपी में बढ़ती गर्मी और लू का खतरा
- उत्तर प्रदेश में गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है और हालात धीरे-धीरे गंभीर होते जा रहे हैं. राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है. बांदा जैसे जिलों में तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जो लू की स्थिति को और खतरनाक बना रहा है. दिन के समय तेज पछुआ हवाएं चल रही हैं, जो गर्मी को और ज्यादा तीखा बना देती हैं. खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और बाहर निकलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.
- मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है. फिलहाल बारिश की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है. शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण शरीर में पानी की कमी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है. कुल मिलाकर यूपी में मौसम का रुख फिलहाल राहत देने वाला नहीं, बल्कि सतर्क रहने वाला है.
बिहार में बदलता मौसम और हल्की राहत के संकेत
- बिहार में मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ नजर आ रहा है, जहां गर्मी के बीच कुछ राहत के संकेत भी मिल रहे हैं. पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. अगले 48 घंटों के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इससे तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. यह बदलाव खासकर शाम और रात के समय लोगों को कुछ राहत देगा.
- हालांकि दिन के समय गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा. पटना सहित कई जिलों में तापमान 38 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसके 41 डिग्री तक जाने की संभावना है. यानी राहत और गर्मी दोनों साथ-साथ चलेंगे. मौसम का यह रूप लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है, क्योंकि एक तरफ बारिश का भ्रम है और दूसरी तरफ गर्मी का असली असर. ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के अनुसार खुद को ढालना होगा.
दिल्ली-NCR में उमस, गर्मी और हल्की राहत
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों गर्मी और उमस का डबल अटैक देखने को मिल रहा है. तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं, जबकि शाम के समय उमस बेचैनी को और बढ़ा देती है. हालांकि IMD ने अगले दो दिनों के दौरान आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही का अनुमान जताया है, इससे हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ बारिश हो सकती है. इससे अस्थायी राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा. साथ ही, हवा की गुणवत्ता भी खराब बनी हुई है, जो स्वास्थ्य के लिए एक अतिरिक्त चिंता का कारण है.
राजस्थान में लू और आंधी का डबल अटैक
राजस्थान में गर्मी ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया है और तापमान लगातार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है. बाड़मेर जैसे इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, इससे हीटवेव की स्थिति बन गई है. दिन के समय गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं और रात में भी राहत नहीं मिल रही है. हालांकि 17 अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है. जयपुर, बीकानेर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. लेकिन यह राहत सीमित और अस्थायी होगी, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों गर्मी और उमस का डबल अटैक देखने को मिल रहा है. (PTI)
मध्य प्रदेश में बदलते मौसम के संकेत
मध्य प्रदेश के लिए जारी अलर्ट में शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 8 जिलों में गर्म हवाओं के थपेड़े चलने की संभावना है. इसमें भोपाल, नर्मदापुरम, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिले शामिल हैं. कई जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रह सकता है.
पहाड़ों में बदलेगा मौसम का मिजाज
- उत्तराखंड: उत्तराखंड में मौसम का प्रभाव ऊंचाई के हिसाब से अलग-अलग देखने को मिल रहा है. निचले इलाकों में गर्मी का असर बढ़ रहा है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना है. देहरादून, हरिद्वार जैसे क्षेत्रों में तापमान बढ़ रहा है, इससे लोगों को परेशानी हो रही है.
- हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम अचानक बदल सकता है. तेज हवाओं, बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा जैसे क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
- जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में 17 अप्रैल से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और हल्की बर्फबारी हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास बढ़ेगा, जबकि जम्मू क्षेत्र में गर्मी का असर बना रहेगा.
दक्षिण भारत में हीटवेव का कहर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. लू के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं. हालांकि, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में आंधी और बारिश के संकेत हैं, इससे थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी का असर बरकरार रहेगा.
नॉर्थ ईस्ट में बारिश और तूफान का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है और प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं. अगले कुछ दिनों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के कारण नुकसान का खतरा भी बना रहेगा.
क्या आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी?
कुछ इलाकों में हल्की राहत जरूर मिलेगी, खासकर जहां बारिश और बादल छाने की संभावना है. लेकिन यह राहत अस्थायी होगी. तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है. इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी होगी.
हीटवेव क्या होती है?
हीटवेव वह स्थिति होती है जब तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है और लगातार कई दिनों तक बना रहता है. यह शरीर के लिए खतरनाक हो सकती है और डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है.
मानसून कब आएगा?
भारत में आमतौर पर मानसून जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचता है. इसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है. इस बार भी सामान्य समय के आसपास मानसून आने की संभावना जताई जा रही है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हीटवेव का खतरा ज्यादा है. वहीं पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का खतरा बना हुआ है.
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. पानी ज्यादा पिएं. हल्के कपड़े पहनें. आंधी-तूफान के दौरान खुले में खड़े न रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें.
