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Delhi Gyan Sagar Public School: दिल्ली के विनोद कुमार यादव और उनके पिता रोहतास सिंह यादव ने 1993 में ज्ञान सागर पब्लिक स्कूल शुरू किया. आज 1400 गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं. साथ ही किताबें, ड्रेस की भी मदद करते हैं.
नई दिल्ली: दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहते हैं. वहीं, एक शख्स ऐसा भी है, जिन्होंने दूसरों के सपनों को अपना लक्ष्य बना लिया. विनोद कुमार यादव ने एक स्कूटर की दुकान पर काम करते हुए एक आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे को देखा, जिसकी पढ़ाई सिर्फ पैसों की कमी के कारण छूट गई थी. वही पल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया. उन्होंने ठान लिया कि अब कोई भी बच्चा सिर्फ गरीबी की वजह से पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा. आज उनके स्कूल में दर्जनों जरूरतमंद बच्चे मुफ्त शिक्षा के साथ कॉपी-किताबें भी पा रहे हैं. विनोद कुमार यादव दिल्ली के कई मंदिरों और गुरुद्वारों से जुड़े रहकर समाजसेवा का दायरा भी बढ़ा रहे हैं. इतना ही नहीं, उनका घर भी मिसाल है. क्योंकि दिल्ली में 19 लोगों का उनका संयुक्त परिवार आज भी एक ही चूल्हे की रोटी खाता है, जो साथ-साथ रहने और संस्कारों की अनूठी तस्वीर पेश करता है.
1400 बच्चों का है अनोखा स्कूल
विनोद कुमार यादव ने बताया कि एक बार उनके पिता ने उन्हें स्कूटर बनवाने के लिए कहा था. तब उनकी उम्र काफी कम थी. जहां पर वह स्कूटर बनवाने गए थे. वहां पर एक 7 या 8 साल का बच्चा स्कूटर बना रहा था. उन्होंने उससे पूछा कि तुम पढ़ाई क्यों नहीं कर रहे हो, यह सब काम क्यों कर रहे हो. तब उस बच्चे ने बताया कि उसकी मां की मृत्यु हो चुकी है. पिता शराब पीता है. उसके छोटे भाई बहन हैं, जिनको पालने की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है. इसलिए वह ऐसा कर रहा है.
इसे सुनने के बाद विनोद कुमार यादव ने अपने पिता को सारी बात बताई. उन्होंने बताया कि उनके पिता का नाम रोहतास सिंह यादव है. तब पिता ने ऐसे बच्चे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और किन्ही वजहों से वो पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए ही 1993 में स्कूल की स्थापना की, जिसका नाम ज्ञान सागर पब्लिक स्कूल है. वर्तमान में इसमें 1400 बच्चे पढ़ रहे हैं और सीबीएसई बोर्ड से इसे मान्यता प्राप्त है. जो बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, उनको नि:शुल्क कॉपी किताब देने के साथ ही ड्रेस भी दिया जाता है. उन्होंने बताया कि इस स्कूल का माहौल ऐसा है कि यहां पर एक बार जो टीचर नौकरी करने आता है. वो सीधा रिटायरमेंट के बाद ही जाता है.
इस तरह कर रहे हैं समाज सेवा
विनोद कुमार यादव ने बताया कि दिल्ली का दादा देव मंदिर हो या फिर गुरुद्वारा या श्री राधा कृष्ण मंदिर वह कई मंदिरों और गुरुद्वारे से जुड़े हुए हैं. लगातार समाज सेवा भी कर रहे हैं. फ्री हेल्थ चेकअप करवाने के साथ ही सामूहिक विवाह का भी आयोजन करते हैं और जो बच्चे प्रतिभाशाली होते हैं और कहीं से नाम कमा के आते हैं, उनको भी सम्मानित किया जाता है. इसके अलावा सर्दियों में कंबल बांटने के साथ ही समाज के लिए ज्यादा से ज्यादा अच्छा काम करने का प्रयास किया जाता है.
उन्होंने बताया कि एक बार एक महिला उनके पास आकर अपने बच्चों की टीसी मांग रही थी. वजह पूछने पर महिला ने बताया कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है और अब वह स्कूल की फीस नहीं दे पाएगी. क्योंकि जो सक्षम बच्चे हैं, उनसे स्कूल में फीस ली जाती है और जो बच्चे स्कूल की फीस नहीं दे सकते हैं, उन बच्चों से फीस नहीं ली जाती है. उस समय उन्होंने उस महिला को टीसी देने से मना किया और कहा कि अपने बच्चों को नि:शुल्क यहां पर पढ़ाए. तब उनके बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी गई और जब महिला को पति की जगह पर नौकरी मिल गई, तब उसने फीस देनी शुरू की.
परिवार भी है मिसाल
विनोद कुमार यादव का परिवार भी दिल्ली एनसीआर के लिए मिसाल है. क्योंकि उनके परिवार में 19 सदस्य हैं. सभी एक ही घर में रहते हैं और एक ही चूल्हे की रोटी खाते हैं. उन्होंने बताया कि आज वर्तमान में जॉइंट फैमिली बहुत कम देखने को मिलती है, लेकिन उनकी जॉइंट फैमिली है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि उनका एक चैरिटेबल ट्रस्ट भी चलता है, जिसका नाम है भाईचारा सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट है. जो कि द्वारका सेक्टर 8 बी-ब्लॉक में है. उनका स्कूल भी ज्ञान सागर पब्लिक स्कूल द्वारका सेक्टर 8 में ही है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें
