DU छात्र आयुष सिंह का कमाल, पढ़ाई के साथ शुरू किया 'होमकिन्स' होममेड नमकीन स्टार्टअप, विदेशों तक पहुंचेगा घर का स्वाद

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DU छात्र आयुष सिंह का कमाल, पढ़ाई के साथ शुरू किया ‘होमकिन्स’ होममेड स्टार्टअप

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होमकिन्स की एक और खासियत यह है कि इसमें पाम ऑयल का उपयोग नहीं किया जाता. आयुष के मुताबिक उनकी कंपनी मुख्य रूप से सनफ्लावर ऑयल का इस्तेमाल करती है और अगर वह उपलब्ध न हो तो सोयाबीन ऑयल लिया जाता है. नमकीन बनाने में काम आने वाली सेव घर पर ही तैयार की जाती है. इसके लिए चने की दाल को सुखाकर बेसन बनाया जाता है और फिर उससे सेव तैयार होती है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्यामलाल कॉलेज के बी.कॉम चौथे वर्ष के छात्र आयुष सिंह ने पढ़ाई के साथ अपना स्टार्टअप शुरू कर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है. आयुष ने होमकिन्स नाम से होममेड नमकीन का ब्रांड लॉन्च किया है. जिसमें बिना प्रिजर्वेटिव और बिना आर्टिफिशियल फ्लेवर के नमकीन तैयार किए जाते है. खास बात यह है कि इस बिजनेस की शुरुआत उन्होंने कॉलेज के एंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट के जरिए की.

आयुष बताते है कि उनके घर में लंबे समय से नमकीन बनती रही है. पहले इसे सिर्फ घर पर स्नैक के तौर पर ही खाया जाता था. लेकिन रिश्तेदारों और करीबी लोगों ने इसे बिजनेस के रूप में शुरू करने की सलाह दी. इसी सुझाव से प्रेरित होकर उन्होंने चौथे वर्ष में रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत इसे स्टार्टअप का रूप दिया.

आयुष का कहना है कि उनका लक्ष्य उन लोगों तक भारतीय घरों का असली स्वाद पहुंचाना है, जो विदेशों में रहते है या अपने घर के स्वाद को मिस करते है. उनका दावा है कि होमकिन्स के सभी उत्पादों में किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या कृत्रिम फ्लेवर का इस्तेमाल नहीं होता.

होमकिन्स की एक और खासियत यह है कि इसमें पाम ऑयल का उपयोग नहीं किया जाता. आयुष के मुताबिक उनकी कंपनी मुख्य रूप से सनफ्लावर ऑयल का इस्तेमाल करती है और अगर वह उपलब्ध न हो तो सोयाबीन ऑयल लिया जाता है. नमकीन बनाने में काम आने वाली सेव घर पर ही तैयार की जाती है. इसके लिए चने की दाल को सुखाकर बेसन बनाया जाता है और फिर उससे सेव तैयार होती है. मूंगफली उनके पैतृक गांव से मंगाई जाती है, जबकि कॉर्न फ्लेक्स बाजार से कच्चे खरीदे जाते है और घर पर ही फ्राई किए जाते है.

करीब 3 से 4 महीने पहले शुरू हुए इस स्टार्टअप ने शुरुआती दौर में ही अच्छी प्रतिक्रिया पाई है. आयुष के अनुसार अब तक लगभग 15 हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है. जिसमें से 10 से 11 हजार रुपये का मुनाफा हुआ है. वहीं 3 से 4 हजार रुपये कच्चे माल और निर्माण पर खर्च हुए है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ-साथ आयुष एक AI कंपनी में रिमोट जॉब भी कर रहे है. इसी नौकरी से मिलने वाली कमाई को वह अपने स्टार्टअप में लगा रहे है. आयुष बताते है कि शुरुआत में उन्होंने परिवार से फंडिंग लेने का विचार किया था. लेकिन अब वह खुद कमाकर अपने बिजनेस को आगे बढ़ा रहे है. हालांकि पढ़ाई, नौकरी और स्टार्टअप को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण है. वह सुबह से काम शुरू करते है. कॉलेज के दौरान भी लैपटॉप के जरिए काम जारी रखते है और सफर के समय का भी भरपूर उपयोग करते है.

होमकिन्स नाम के पीछे की कहानी आयुष के मुताबिक उनके ब्रांड नाम होमकिन्स का भी खास मतलब है. Home घर का प्रतीक है, जबकि Kins परिवार को दर्शाता है. यानी यह ऐसा ब्रांड है. जो घर और परिवार के स्वाद को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

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