नौतपा का कहर शुरू, 9 दिन की तपिश सेहत के लिए खतरा, डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में हर साल आने वाला नौतपा इस बार भी तेज धूप और बढ़ते तापमान के साथ लोगों के लिए चुनौती बन गया है. मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूरज की किरणें अधिक तीव्र होती हैं, जिससे गर्मी का असर बढ़ जाता है. ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि लापरवाही से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

DHA फॉर्मूला अपनाएं, गर्मी से बचें
डॉक्टर सुनीता चौधरी के अनुसार, नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ‘DHA फॉर्मूला’ अपनाना चाहिए, जिसमें Diet (खानपान), Hydration (पर्याप्त पानी) और AC का संतुलित उपयोग शामिल है. उन्होंने बताया कि इस समय हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए और शरीर को लगातार हाइड्रेट रखना जरूरी है.

खाने-पीने में क्या रखें शामिल
गर्मी में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है. इसमें नींबू पानी, नारियल पानी, सत्तू, छाछ और घर के बने ठंडे पेय शामिल किए जा सकते हैं. छाछ में भुना जीरा और पुदीना मिलाकर पीना फायदेमंद होता है. साथ ही दाल, चावल, हरी सब्जियां, खीरा, प्याज और टमाटर जैसी हल्की चीजें खाने की सलाह दी गई है. वहीं, ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और ऑयली खाना शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है.

पानी सिर्फ साधारण नहीं, अलग-अलग रूप में पिएं
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, सत्तू, छाछ और ताजे जूस का सेवन करना चाहिए. इससे शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी का असर कम होता है.

हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानना जरूरी
हीट स्ट्रोक के लक्षणों में चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी जैसा महसूस होना, कमजोरी, बहुत ज्यादा नींद आना, बुखार जैसा लगना और बेचैनी शामिल हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत ठंडी जगह पर जाना चाहिए और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिए. गंभीर स्थिति जैसे तेज बुखार, बेहोशी या लगातार उल्टी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

AC का इस्तेमाल कैसे करें
एसी के उपयोग को लेकर डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह के समय पंखा बेहतर है, जबकि दोपहर में जरूरत पड़ने पर एसी का इस्तेमाल करें. एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना चाहिए और अचानक तापमान बदलने से बचना चाहिए.

बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर ज्यादा होता है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी की जरूरत है. सुबह 7 से 11 बजे और शाम 5 बजे के बाद ही बाहर निकलना बेहतर माना गया है. अगर दोपहर में बाहर जाना जरूरी हो तो पानी, सत्तू, जूस और ORS साथ रखना चाहिए.

जरूरी हो तभी दोपहर में निकलें
डॉक्टरों ने कहा कि नौतपा के दिनों में थोड़ी सी सावधानी अपनाकर लोग इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रह सकते हैं. सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव ही स्वस्थ रहने का सबसे आसान तरीका है.

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