पुराने ट्रक-बस पर रोक लगाने से क्या होगा फायदा? सरकार के मेगा प्लान पर इंडस्ट्री ने दी अपनी राय

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केंद्र सरकार ने दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए पुराने ट्रक और बसों को बदलने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत बीएस 4 और उससे पुराने वाहनों के मालिकों को नए बीएस 6 या इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे. ऑटो उद्योग का मानना है कि इससे स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. ऑटो उद्योग की शीर्ष संस्था सियाम और प्रमुख कमर्शियल व्हीकल कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया है.

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भारी कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. (AI)

नई दिल्ली. दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पुराने ट्रक और बसों को बदलने की विशेष योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का उद्देश्य ऐसे कमर्शियल वाहनों को सड़कों से हटाना है जो बीएस 4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों पर आधारित हैं और प्रदूषण फैलाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. सरकार चाहती है कि इनकी जगह नए बीएस 6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर आएं ताकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की हवा को साफ बनाया जा सके. सरकार की इस योजना को ऑटो उद्योग ने भी सकारात्मक कदम बताया है. वाहन उद्योग का मानना है कि इससे एक तरफ प्रदूषण कम होगा तो दूसरी तरफ स्वच्छ और आधुनिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार भी बढ़ेगी. उद्योग जगत के अनुसार यह फैसला पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

नई योजना के तहत केंद्र सरकार पुराने ट्रक और बस मालिकों को नए वाहन खरीदने के लिए कई तरह की वित्तीय सहायता देगी. वाहन खरीदने के लिए लिए गए कर्ज पर पांच साल तक 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलेगी. इसके अलावा वाहन की श्रेणी के अनुसार हर महीने 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे. सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी देगी. इस कदम का मकसद अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक और कम प्रदूषण वाले वाहनों की ओर आकर्षित करना है.

सियाम ने बताया पर्यावरण के लिए अहम फैसला

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम है. उनके अनुसार पुराने कमर्शियल वाहनों के मालिकों को इस योजना का फायदा मिलेगा और इससे पूरे क्षेत्र में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ने से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.

कमर्शियल व्हीकल कंपनियों ने किया स्वागत

भारी कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. वीई कमर्शियल व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी बी श्रीनिवास ने कहा कि सरकार का यह फैसला ट्रकों और बसों के बेड़े के आधुनिकीकरण को तेज करेगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली एनसीआर की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक प्रदूषण है और यह योजना उससे निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. आधुनिक वाहनों के इस्तेमाल से ईंधन दक्षता बेहतर होगी और उत्सर्जन में भी कमी आएगी.

ऑटो कंपनियों के लिए खुल सकता है बड़ा बाजार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिल सकता है. दिल्ली एनसीआर में हजारों पुराने ट्रक और बसें अभी भी चल रही हैं. इनके बदले नए वाहन खरीदे जाने से टाटा मोटर्स (Tata Motors), अशोक लेलैंड (Ashok Leyland), आयशर मोटर्स (Eicher Motors), जेबीएम ऑटो (JBM Auto) और ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक (Olectra Greentech) जैसी कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ सकती है. इसके अलावा इलेक्ट्रिक बस और इलेक्ट्रिक ट्रक सेगमेंट में काम करने वाली कंपनियों के लिए भी यह योजना नए अवसर पैदा कर सकती है.

प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम

दिल्ली एनसीआर लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार पुराने डीजल ट्रक और बसें पीएम 2.5 और अन्य हानिकारक प्रदूषकों के बड़े स्रोत हैं. ऐसे में सरकार की यह योजना सिर्फ वाहन प्रतिस्थापन कार्यक्रम नहीं बल्कि क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति सुधारने की एक व्यापक पहल मानी जा रही है. अगर योजना सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर अधिक आधुनिक, ईंधन दक्ष और कम प्रदूषण वाले वाहन दिखाई दे सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

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