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झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड में भीषण गर्मी और 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचते तापमान के बीच त्वचा की देखभाल बेहद जरूरी हो गई है. डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों ने सनस्क्रीन, हाइड्रेशन, एलोवेरा, गुलाब जल और अन्य घरेलू उपायों को अपनाने की सलाह दी है, ताकि सनबर्न, टैनिंग और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचा जा सके.
झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है. तापमान लगातार 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है. ऐसे में सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा यानी स्किन पर पड़ता है. तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता हुआ तापमान त्वचा की नमी को तेजी से खत्म कर देता है, जिससे स्किन रूखी, बेजान और झुलसी हुई दिखाई देने लगती है. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में घर से बाहर निकलने से पहले त्वचा की सुरक्षा बेहद जरूरी है.
इन बातों का रखें ध्यान
खासकर दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक की धूप सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. इस दौरान सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लंबे समय तक लापरवाही बरतने पर टैनिंग, सनबर्न और समय से पहले झुर्रियों जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. इसलिए लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए और बाहर निकलते समय चेहरे को कपड़े, टोपी या छाते से ढंककर रखना चाहिए. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में त्वचा की देखभाल केवल सुंदरता के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है.
घरेलू उपाय
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी के मौसम में कुछ प्राकृतिक उपाय भी त्वचा को सुरक्षित रखने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं. एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने और नमी बनाए रखने का काम करता है. गुलाब जल चेहरे को ताजगी देता है और गर्मी से होने वाली जलन को कम करने में मदद करता है. खीरे का रस और चंदन का लेप भी त्वचा को ठंडा रखने के लिए उपयोगी माना जाता है. इसके अलावा नारियल पानी और मौसमी फलों का सेवन शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है, जिसका सकारात्मक असर त्वचा पर भी दिखाई देता है.
तला-भुना और मसालेदार भोजन से बचें
आयुर्वेदिक चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन गर्मी में त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकता है. इसलिए हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए. पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. नियमित रूप से चेहरे की सफाई करने और पसीने को त्वचा पर ज्यादा देर तक न रहने देने से संक्रमण और दाने जैसी समस्याओं से भी बचा जा सकता है.
घर से निकलने से पहले लगाएं सनस्क्रीन
डॉक्टरों का सबसे बड़ा जोर सनस्क्रीन के इस्तेमाल पर है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर से बाहर निकलने से लगभग 20 से 30 मिनट पहले अच्छी गुणवत्ता वाली सनस्क्रीन जरूर लगानी चाहिए. कम से कम एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन गर्मी के मौसम में बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है. यदि लंबे समय तक धूप में रहना हो तो हर दो से तीन घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगानी चाहिए. केवल चेहरे पर ही नहीं बल्कि गर्दन, हाथों और धूप के संपर्क में आने वाले सभी हिस्सों पर सनस्क्रीन का उपयोग करना जरूरी है.
धूप का चश्मा, पूरी बांह के कपड़े और सिर को ढंकें
बाजार में अलग-अलग प्रकार की सनस्क्रीन उपलब्ध हैं और अपनी त्वचा के अनुसार सही उत्पाद का चयन करना चाहिए. डॉक्टरों का कहना है कि सनस्क्रीन के साथ-साथ धूप का चश्मा, पूरी बांह के कपड़े और सिर को ढंकने वाली टोपी भी गर्मी से बचाव में मदद करती है. थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल अपनाकर भीषण गर्मी के इस मौसम में त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है और गर्मी के प्रकोप से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
