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Surya pratap murder ghaziabad: सूर्य प्रताप की मां ने बताया कि उनके बेटे की असद और उसके दोस्तों ने मिलकर चाकू गोदकर हत्या की है. उनका कहना है कि उन्हें खून के बदले खून चाहिए. परिवार की मांग है कि असद का एनकाउंटर किया जाए और उसे मौत के घाट उतार दिया जाए. सूर्य प्रताप की मां एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं. उन्होंने बताया कि बकरीद वाले दिन वह घर पर मौजूद नहीं थीं.
गाजियाबाद: खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरा ईद के दिन हुई युवक सूर्य प्रताप की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. परिजनों और दोस्तों के अनुसार आरोपी असद ने पुरानी रंजिश के चलते सूर्य को फोन कर घर से बाहर बुलाया और अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर चाकू से कई वार किए. गंभीर हालत में सूर्य को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 29 मई को उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं. वहीं हिंदू संगठनों ने जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका था और परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक उसी पर थी.
बकरीद के दिन बहला फुसला के ले गए
सूर्य प्रताप की मां ने बताया कि उनके बेटे की असद और उसके दोस्तों ने मिलकर चाकू गोदकर हत्या की है. उनका कहना है कि उन्हें खून के बदले खून चाहिए. परिवार की मांग है कि असद का एनकाउंटर किया जाए और उसे मौत के घाट उतार दिया जाए. सूर्य प्रताप की मां एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं. उन्होंने बताया कि बकरीद वाले दिन वह घर पर मौजूद नहीं थीं. आरोप है कि बकरीद के दिन असद ने सूर्य प्रताप को फोन कर बहाने से घर के बाहर बुलाया और उसे गली में ले गया. वहां उसने सूर्य से पूछा कि क्या उसने कभी बकरा कटते हुए देखा है. जब सूर्य ने कहा कि उसने ऐसा कभी नहीं देखा तो असद ने कहा कि आओ तुम्हें दिखाते हैं कि बकरा कैसे काटा जाता है.
मां का आरोप है कि इसके बाद असद के दो साथियों ने सूर्य प्रताप के हाथ पकड़ लिए और असद ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर उसे लहूलुहान कर दिया. वारदात के बाद गली के लोगों ने आनन-फानन में घायल अवस्था में सूर्य प्रताप को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया. जहां इलाज के दौरान अगले दिन दोपहर उसकी मौत हो गई.
8 महीने पहले हुआ था विवाद
मां ने बताया कि उन्होंने 28 तारीख की सुबह आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देखा था. इसके बाद से वह अपने बेटे को नहीं देख पाई हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए. उनका आरोप है कि करीब आठ महीने पहले भी असद और सूर्य प्रताप के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. हालांकि उस समय मामला इतना बड़ा नहीं था और परिवार तथा स्थानीय लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था. मां का आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए असद ने उनके बेटे की हत्या की है. सूर्य प्रताप के परिवार में उसकी मां, एक बड़ा भाई और एक बहन हैं. उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है. परिवार के अनुसार सूर्य प्रताप के बड़े भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह घर पर ही रहता है. मां ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को लेकर कई सपने देखे थे लेकिन उसकी हत्या के साथ ही उनके सारे सपने टूट गए.
परिवार की मांग है कि हत्या के आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए और पुलिस आरोपियों का एनकाउंटर करे. सूर्य प्रताप की मां ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराने और न्याय दिलाने की अपील भी की है.
मारने से पहले पूछा बकरा कटते हुए देखा है
सूर्य प्रताप के दोस्त विक्की ने बताया कि ईद वाले दिन उसे और सूर्य प्रताप को असद ने फोन कर बहाने से बुलाया था. इसके बाद वह दोनों को गली में ले गया और पूछा कि क्या उन्होंने कभी बकरा कटते हुए देखा है. जब सूर्य ने मना किया तो असद ने कहा कि वह उन्हें दिखाएगा कि बकरा कैसे काटा जाता है. विक्की के अनुसार इसके बाद असद सूर्य से गाली-गलौज करने लगा और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई. हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को अलग कर दिया था.
विक्की का आरोप है कि इसके बाद असद किसी बहाने से सूर्य प्रताप के गले में हाथ डालकर उसे गली के अंदर ले गया जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चाकू से हमला कर दिया. विक्की के अनुसार घटना के समय असद के साथ चार अन्य लड़के भी मौजूद थे. बचपन से उनकी और सूर्य प्रताप की दोस्ती थी. इस घटना के बाद वह खुद भी डरे हुए हैं. उनका कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराए। विक्की ने बताया कि सूर्य प्रताप ने हाल ही में दसवीं की परीक्षा दी थी और उसके आगे पूरे जीवन के सपने थे लेकिन यह घटना उन सभी सपनों को अधूरा छोड़ गई.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
