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Noida School AC Fee Controversy: नोएडा के एक नामी स्कूल ने बच्चों पर हर महीने 500 रुपये की ‘एसी फीस’ थोप दी है. बीच सेशन में लिए गए इस फैसले पर पेरेंट्स भड़क गए हैं. वहीं नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल को सख्त चेतावनी दी है. जानिए पूरा मामला.
Noida School AC Fee: नोएडा के एक स्कूल में 500 रुपये एसी चार्ज लिया जा रहा है
नई दिल्ली (Noida School AC Fee Controversy). मिडिल क्लास परिवारों के लिए अपने बच्चों को नोएडा के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना बजट से बाहर होता जा रहा है. नया सेशन शुरू होते ही फीस में भारी बढ़ोतरी का झटका झेलने वाले पेरेंट्स को अब बेहद हैरान करने वाला फरमान थमा दिया गया है. नोएडा के सेक्टर-21 स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल ने चिलचिलाती गर्मी के बीच क्लासरूम में चलने वाले एयर कंडीशनर के नाम पर हर बच्चे से प्रति माह 500 रुपये ‘एसी फीस’ वसूलने का नोटिस जारी किया है. स्कूल के फैसले से अभिभावक सन्न हैं और अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
क्या है बाल भारती स्कूल का ‘एसी फीस’ फरमान?
पेरेंट्स का फूटा गुस्सा: बीच सेशन में लूट क्यों?
स्कूल के इस फैसले से अभिभावकों में भारी आक्रोश है. पेरेंट्स का कहना है कि एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले ही स्कूल ने फीस में करीब 15% की मोटी बढ़ोतरी की थी. अब अचानक बीच सेशन में बिना किसी पूर्व सूचना के 500 रुपये का नया बोझ डाल दिया गया है. अभिभावकों ने सवाल उठाया कि जब वे पहले से ही मोटी ट्यूशन फीस और डेवलपमेंट चार्ज दे रहे हैं तो फिर बिजली, पंखे या एसी का खर्च अलग से क्यों वसूला जा रहा है?
डीएम मेधा रूपम की दो टूक: यह नियमों का उल्लंघन है
मामला तूल पकड़ते ही नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि कोई भी प्राइवेट स्कूल बीच सेशन में अपनी मर्जी से कोई नया चार्ज या फीस नहीं बढ़ा सकता. नियमों (DFRC गाइडलाइंस) के मुताबिक, स्कूलों को नया सेशन शुरू होने से पहले ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर फीस और हर तरह के अतिरिक्त खर्चों की सूची पब्लिक करनी होती है. बाल भारती स्कूल की तरफ से बीच में लाया गया यह नोटिस नियमों का खुला उल्लंघन है.
जांच के घेरे में स्कूल प्रशासन
जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डिस्ट्रिक्ट फीस रेगुलेटरी कमेटी (DFRC) को सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि कमेटी मामले की बारीकी से जांच कर रही है और स्कूल से इस मनमाने नोटिस पर जवाब मांगा जाएगा. अगर स्कूल संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता है या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो स्कूल के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के इस कड़े रुख से नोएडा के अन्य प्राइवेट स्कूलों को भी एक संदेश गया है कि वे पेरेंट्स को एटीएम मशीन समझने की भूल न करें.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें
