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Animal Husbandry Scheme : स्वदेशी नस्ल की दुधारू गाय पालने वालों के लिए सरकार धमाकेदार स्कीम लाई है. मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत ऐसे पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि बांटी जा रही है. योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है. पशुपालक 10 जुलाई तक आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. गाजियाबाद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी पांडेय लोकल 18 से बताते हैं कि यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी. योजना का लाभ लेने के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पशु बीमा प्रमाणपत्र और गाय के साथ ईयर टैग दिखाई देता हुआ फोटो अपलोड करना अनिवार्य है.
गाजियाबाद. अगर आपने स्वदेशी नस्ल की दुधारू गाय पाल रखी है और सरकारी योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो सही जगह आए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत अधिक दूध देने वाली और स्वदेशी गाय पालने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है. गाजियाबाद के पात्र पशुपालक 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. गाजियाबाद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी पांडेय लोकल 18 से बताते हैं कि यह योजना नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित की जा रही है.
ये 2 चीज जरूरी
इसमें ऐसे पशुपालक आवेदन कर सकते हैं जो पहले से स्वदेशी नस्ल की गायों का पालन कर रहे हैं और जिनकी गाय हाल के 45 दिनों के भीतर ब्याई हुई हो, गाय दुधारू हो और निर्धारित मात्रा में दूध दे रही हो. डॉ. पांडेय के मुताबिक, यदि कोई स्वदेशी गाय प्रतिदिन आठ किलोग्राम से अधिक लेकिन 12 किलोग्राम तक दूध देती है तो पशुपालक को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. यदि गाय 12 किलोग्राम से अधिक दूध देती है तो सरकार की ओर से 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी.
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर ऑनलाइन करना होगा. आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पशु बीमा प्रमाणपत्र और गाय के साथ ईयर टैग दिखाई देता हुआ फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा. इसके बाद संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे. आवेदन स्वीकृत होने से पहले पशुपालन विभाग की टीम मौके पर जाकर गाय और अभिलेखों की जांच भी करेगी. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र पशुपालकों के खाते में प्रोत्साहन राशि भेज दी जाएगी.
अब तक 150 से अधिक पशुपालक को लाभ
डॉ. एसपी पांडेय बताते हैं कि यह योजना पिछले दो वर्षों से संचालित हो रही है. अब तक 150 से अधिक पशुपालक इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं. जिले के सभी पात्र गोपालकों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं. यह योजना न केवल पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश में स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में भी भूमिका निभाएगी.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
