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Why Delhi Air Quality Rise Today: दिल्ली-एनसीआर में मानसूनी बारिश से आया हवा का जादुई सुधार (AQI 48) चंद दिनों में खत्म हो गया. सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली का औसत AQI अचानक बिगड़कर 261 (खराब श्रेणी) पर पहुंच गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इस गिरावट की वजह स्थानीय प्रदूषण नहीं बल्कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान से आई सीमा पार की धूल है, जिसने हवा में PM10 बढ़ा दिया है.
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. (File Photo)
कहते हैं कि अच्छी चीजें ज्यादा दिनों तक नहीं टिकतीं और दिल्ली-एनसीआर वालों के लिए तो यह बात बिल्कुल सच साबित हुई है. अभी दो दिन पहले तक जिस दिल्ली की आबोहवा में लोग खुलकर सांस ले रहे थे, जहां मानसूनी बारिश ने ऐसा जादुई चमत्कार किया था कि फेफड़ों को संजीवनी मिल गई थी. वहां चार दिन की चांदनी के बाद एक बार फिर अंधेरी रात छा गई है. कुदरत की जिस मेहरबानी ने दिल्ली की हवा को 3 साल बाद बेहद साफ यानी 48 AQI के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचाया था, उसे सीमा पार से आई एक आंधी ने पलक झपकते ही तबाह कर दिया. दिल्ली की साफ-सुथरी सुबह अचानक धुंधले और प्रदूषित दिन में बदल गई है जिसने करोड़ों लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है.
AQI पहुंचा 200 के पार
पिछले 48 से 50 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर एक अलग ही दुनिया जैसा लग रहा था. लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने प्रदूषण को ऐसा धोया था कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 48, 49 और 56 के स्तर पर पहुंच गया था. ऐसा सुखद नजारा दिल्ली ने आखिरी बार सितंबर 2023 में जी-20 सम्मेलन के दौरान देखा था. लेकिन यह राहत बहुत ही कम समय के लिए थी. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शाम 4 बजे के बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली का औसत AQI अचानक बढ़कर 261 दर्ज किया गया जो कि खराब श्रेणी में आता है. हवा का स्तर 200 के पार पहुंचते ही सीएक्यूएम (CAQM) की ग्रैप (GRAP) सब-कमेटी ने शाम 4 बजे तुरंत एक आपातकालीन बैठक बुलाई.
अफगानिस्तान-पाकिस्तान से आई आंधी ने बिगाड़ा खेल
बैठक में मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों का बारीकी से आकलन किया गया. एक्सपर्ट्स ने बताया कि इस बार दिल्ली की हवा बिगड़ने के पीछे यहां का स्थानीय प्रदूषण या गाड़ियां नहीं हैं. असल में अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के पास से एक भीषण धूल भरी आंधी उठी जो उत्तर-पश्चिम भारत को अपनी चपेट में लेते हुए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच गई. इस सीमा पार की धूल के कारण हवा में PM10 कणों की तादाद अचानक बेहद बढ़ गई. इंडो-गंगा के मैदानी क्षेत्रों में चल रही तेज हवाओं ने इस धूल को पूरी दिल्ली में फैला दिया.
फिलहाल GRAP-1 नहीं लेकिन एक्शन मोड में एजेंसियां
राहत की बात यह है कि प्रदूषण का यह दौर लंबा नहीं खिंचेगा. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले एक से दो दिनों में इस धूल का असर कम हो जाएगा और AQI में दोबारा सुधार देखने को मिलेगा. चूंकि प्रदूषण की वजह स्थानीय नहीं है इसलिए सीएक्यूएम ने फिलहाल ग्रैप (GRAP) का स्टेज-1 लागू नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और सभी राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को जमीनी स्तर पर धूल नियंत्रण के उपाय जैसे पानी का छिड़काव तेज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें
