नई दिल्ली: जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, नौकरी करने वाले लोग खुश हो जाते हैं. इसलिए नहीं की मौसम सुहावना और ठंडा हो गया है. बल्कि इसलिए कि वह बारिश में ही सबसे ज्यादा अपने बॉस से झूठ बोलकर या तो घर से देर से निकलते हैं या फिर ऑफिस नहीं आते हैं. जैसे ही बॉस उनसे पूछते हैं ऑफिस ना आने का कारण तो वो बोल देते हैं कि बारिश हो रही है, जिस वजह से ऑटो या टैक्सी नहीं मिल रही है. या फिर इलाके में पानी भर गया है.
अब कर्मचारियों के इस तरह के तमाम बहाने अब नहीं चलेंगे. क्योंकि ऐसी एक मशीन आ गई है, जिसे किसी भी संस्थान, ऑफिस या घर के अंदर लगाया जा सकता है, जिसके जरिए सिर्फ एक क्लिप पर लोकल मौसम की जानकारी मिल जाएगी. यानी आपके इलाके में कैसा मौसम है. यह मशीन बता देगी और कई बड़ी कंपनियों ने इसे लगवाना भी शुरू कर दिया है. ब्लिंक इट और जोमैटो जैसी कंपनियों ने इसे अपने यहां इंस्टॉल भी कर लिया है. इस कंपनी को दिल्ली के एक इवेंट में लेकर के आए हर्ष कुमार ने लोगों के सामने इसे प्रदर्शित किया और इसके बारे में लोगों को बताया.
इस तरह काम करेगी यह मशीन
हर्ष कुमार ने बताया कि इस मशीन को वेदर स्टेशन कहते हैं. जो 7 पैरामीटर पर काम करती है और इसे अन्नम एआई ने बनाया है. हर्ष कुमार ने बताया कि वह यहां पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसे लोकेशन आधारित वेदर सिस्टम कहते हैं. इसके जरिए किसी भी लोकेशन का यानी किसी भी क्षेत्र का तापमान, ह्यूमिडिटी, हवा, बिजली, हवा की दिशा, हवा की स्पीड सब कुछ पता लगाया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि इसमें गूगल सेटेलाइट डेटा का इस्तेमाल नहीं होता है. यही वजह है कि एकदम सटीक और सही लोकेशन आधारित वेदर सिस्टम जानकारी दे देता है. इसमें कई तरह के सेंसर लगे होते हैं. एक सेंसर लगा है, जो प्रेशर और तापमान बताता है. यह अल्ट्रासोनिक सेंसर है. जो कि हवा की गति और हवा की दिशा बताता है. एक रेन बोर्ड है, जो बारिश बताता है कि कितने मिलीमीटर हुई है. उन्होंने बताया कि इस मशीन की कीमत 80 लाख रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक है.
किसानों के लिए वरदान है यह मशीन
हर्ष कुमार ने यह भी बताया कि इसका इस्तेमाल किसान भी कर सकते हैं. वह अपने खेती वाले स्थान का तापमान, ह्यूमिडिटी सब कुछ आसानी से पता लगा सकते हैं. अगर बारिश होने वाली है तो उन्हें समय पर पता चल जाएगा और इससे उनकी सफल बच जाएगी. इस पर सब्सिडी भी दी जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस मशीन को सर्टिफाइड कर दिया है और स्काईमेट जैसी मौसम एजेंसी इन मशीनों का इस्तेमाल कर रही है.
ब्लिंक इट और जोमैटो भी इसका इस्तेमाल कर रही हैं. आने वाले वक्त में और भी कई बड़े संस्थान और कंपनी इन मशीनों को खरीदेंगे. क्योंकि इसकी एडवांस बुकिंग चल रही है. ज्यादातर ऐसा होता है कि उनके कर्मचारी झूठ बोल देते और बारिश का बहाना बना देते हैं. ऐसे में यह मशीन तुरंत पकड़ लेगी क्या आपके इलाके में बारिश हो रही है या नहीं. इसमें एक एक्टिव डिवाइस डैशबोर्ड भी है, जिस पर सारा डेटा आपको मिलता रहेगा, इसे क्लाउड सेंस एप्लीकेशन कहते हैं. इस मशीन को कैसे इस्तेमाल करना है. इसकी ट्रेनिंग भी उनकी ओर से दी जाएगी.
