नौकरी छोड़ बिजनेस की ओर क्यों भाग रहे ग्रेटर नोएडा के युवा? इस सरकारी योजना में छिपा सफलता का राज

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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में स्वरोजगार की दिशा में एक नई क्रांति देखने को मिल रही है. उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है. आइए जानते हैं कि इस योजना से कैसे बच्चे आत्मनिर्भर बन रहे हैं.

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में स्वरोजगार की दिशा में एक नई क्रांति देखने को मिल रही है. उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है. इस योजना के माध्यम से युवा न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं, बल्कि रोजगार सृजक बनकर समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

इस संबंध में असिस्टेंट कमिश्नर श्री वत्स कृष्णा ने बताया कि इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 25 लाख रुपये तक और सर्विस सेक्टर में 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर राज्य सरकार की ओर से 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है. यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा के युवा इस योजना की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं.

स्टार्टअप और स्वरोजगार का भी उभरता हब
ग्रेटर नोएडा, जो देश के प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्रों में से एक है, अब स्टार्टअप और स्वरोजगार का भी उभरता हुआ हब बनता जा रहा है. यहां के युवा कपड़ा व्यापार, बुटीक, आधुनिक सैलून, एग्रीकल्चर इक्विपमेंट सेंटर, डिजिटल प्रिंटिंग और अन्य सेवा-आधारित व्यवसायों में अपने उद्यम स्थापित कर रहे हैं. इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं.

आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल
श्री वत्स कृष्णा ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है. इस योजना के माध्यम से पात्र आवेदकों को 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे वे कम आर्थिक बोझ के साथ अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं. इच्छुक युवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट msme.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपने व्यवसाय का सपना साकार कर सकते हैं.

आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम
उन्होंने आगे बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सरल है. आवेदक को वेबसाइट पर पंजीकरण कर अपने प्रस्तावित उद्यम का विवरण, आवश्यक दस्तावेज और संबंधित बैंक की जानकारी दर्ज करनी होती है. इसके बाद आवेदन जिला उद्योग केंद्र (DIC) को भेजा जाता है, जहां से उसे बैंक को अग्रेषित कर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाती है. वेबसाइट पर डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और प्रशिक्षण से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध हैं. इस योजना ने युवाओं के बीच उद्यमिता के प्रति नई जागरूकता पैदा की है. पहले जो युवा नौकरी की तलाश में भटकते थे, वे अब आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को रोजगार दे रहे हैं.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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