Last Updated:
लेह से दिल्ली आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-126 बुधवार को करीब 8 घंटे लेट रही. इससे पहले मंगलवार को भी यही फ्लाइट कैंसिल कर दी गई थी. लगातार दूसरे दिन हुई परेशानी के बाद यात्रियों का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा.
पहले फ्लाइट कैंसिलेशन और फिर घंटों की देरी की वजह से पैसेंजर्स लेह एयरपोर्ट पर दो दिनों से फंसे हुए हैं.
नई दिल्ली: लेह से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए बुधवार का दिन परेशानी भरा रहा. स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-126 करीब 8 घंटे की देरी से दिल्ली के लिए रवाना हुई. पैसेंजर्स की मुश्किलों यह दौर सिर्फ बुधवार तक ही सीमित नहीं था. बल्कि, इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी यही फ्लाइट अचानक कैंसिल कर दी गई थी. लगातार दो दिनों से परेशान हो रहे पैसेंजर्स ने एयरलाइंस के रुख को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी चाहिए की है.
एक पैसेंजर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स में लिखा है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि फ्लाइट जल्द रवाना हो जाएगी. लेकिन समय बीतता गया और इंतजार बढ़ता गया. एयरलाइन की तरफ से समय पर कोई साफ जानकारी नहीं दी जा रही थी. वहीं, पैसेंजर्स की नाराजगी बढ़ती देख स्पाइस जेट ने भी अपनी सफाई जारी की है. एयरलाइन का कहना है कि फ्लाइट SG-126 में उड़ान से ठीक पहले टेक्निकल फॉल्ट आ गया था. ऐसे में फ्लाइट को तुरंत उड़ाना सुरक्षित नहीं था.
स्पाइसजेट के अनुसार, दूसरे स्टेशन से टेक्निकल और ऑपरेशनल सपोर्ट मंगाया गया. इंजीनियरों ने प्लेन की जांच की और खराबी को पूरी तरह ठीक किया गया. इसके बाद सभी जरूरी सेफ्टी चेक किए गए. जब सब कुछ सामान्य मिला, तब फ्लाइट को उड़ान भरने की अनुमति दी गई. फ्लाइट ने इसके बाद लेह से टेक-ऑफ किया. कुछ घंटे की देरी के बाद इस प्लेन ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सेफ लैंडिंग की है.
एयरलाइन ने कहना है कि पैसेंजर्स, क्रू और फ्लाइट की सेफ्टी उसकी पहली प्राथमिकता है. एयरलाइन ने देरी के लिए खेद जताते हुए कहा है कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है. हालांकि, एयरलाइंस की सफाई पर पैसेंजर्स का कहना है कि टेक्निकल फॉल्ट कभी भी आ सकता है. लेकिन ऐसी स्थिति में समय-समय पर सही अपडेट मिलना जरूरी है.
About the Author
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
